Engineer’s Day 2021 : M Visvesvaraya की याद के रूप में मनाया जाता है अभियंता दिवस, जाने कौन थे M Visvesvaraya ?

हर साल श्रीलंका और तंजानिया के साथ-साथ भारत में भी 15 सितंबर को महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वराया (M Visvesvaraya) की उपलब्धियों को जानने और उनका सम्मान करने के लिए राष्ट्रीय अभियंता दिवस (Engineer’s Day 2021 in India) मनाया जाता है। इस दिन इंजिनियर्स के महान कामों के सम्मान करने तथा उन्हें सुधार व नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 15 सितंबर को हर साल राष्ट्रीय अभियंता दिवस (Engineer’s Day 2021 in India) के रूप में मनाया जाता है।

यह भी पढ़े: राजनितिक बयानबाजी : RAHUL GANDHI ने RSS और BJP पर साधा निशाना कहा, RSS और BJP के लोग हिन्दू नहीं है ये सिर्फ हिन्दू धर्म का करते है इस्तेमाल, महिला शक्ति को दबाने का भी लगाया आरोप।

M Visvesvaraya की आज है 160 वी जयंती

आपको बता दें इस साल एम विश्वेश्वराया की 160 वी जयंती है। एम विश्वेश्वराया (M Visvesvaraya) का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के मुद्दनहल्ली गांव में हुआ था। एम विश्वेश्वराया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह नगर में पूरी की। इसके बाद M Visvesvaraya ने मद्रास विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की।

M Visvesvaraya

स्नातक डिग्री मिलने के बाद बदले करियर के रास्ते

M Visvesvaraya ने स्नातक डिग्री प्राप्त करने के बाद अपने करियर के रास्ते को बदल दिया और पुणे के कॉलेज ऑफ साइंस में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कर दी। सर एम वी के नाम से भी लोकप्रिय हैं। M Visvesvaraya कई जटिल परिजनों की शुरुआत की थी। M Visvesvaraya अपने करियर के दौरान उल्लेखनीय बुनियादी ढांचागत परिणाम दिए थे।

यह भी पढ़े: हिंदी दिवस,2021 के मौके पर PM मोदी ने किया राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास ।

कृष्णराज सागर बांध स्थापित करने में M Visvesvaraya का रहा बड़ा रोल

खाद्य आपूर्ति और भंडारण को उच्चतम स्तर तक बढ़ाने के लिए 1903 में ब्लॉक सिस्टम को पुणे के पास खड़कवासला जलाशय में पानी के फ्लडगेट के साथ सिंचाई प्रणाली को पेटेंट कराया और इसका स्थापना किया। ग्वालियर और मैसूर के कृष्णराज सागर बांध में स्थापित हुआ उस समय एशिया में सबसे बड़े जलाशयों में से एक बनाया गया था।

मैसूर में दीवान के रूप में थे कार्यरत

M Visvesvaraya न केवल एक महान सिविल इंजीनियर थे, बल्कि 1912 से 1919 तक मैसूर के 19 वे दीवान के रूप में कार्यरत थे। 1915 में मैसूर के दीवान के रूप में कार्यरत थे तो उन्हें किंग जॉर्ज पंचम द्वारा ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य के कमांडर के रूप में लाइट से सम्मानित किया गया था। ऐसी तकनीकी और बाढ़ आपदा प्रबंधन के रूप में जाने जाते हैं। कुछ उपलब्धियों के बारे में हम आपको बताएंगे जिनमें से कुछ महान उपलब्धि है –

1. M Visvesvaraya ने 1903 में खडकवासला जलाशय में पुणे में स्थापित ‘ऑटोमैटिक बैरियर वाटर फ्लडगेट्स’ को डिजाइन किया था।

2. 1917 में गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जिसे यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता है।

3. M Visvesvaraya कर्नाटक में कृष्णा राजा सागर बांध परियोजना के मुख्य अभियंता थे।

यह भी पढ़े: UP Election 2022 : योगी सरकार का एक और चुनावी स्टंट, प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को नहीं मिलेंगे यूनिफार्म, बैग, इस योजना में हो सकता है बड़ा बदलाव ।

4. M Visvesvaraya उन समिति सदस्यों में से एक थे जिन्होंने 1934 में भारतीय अर्थव्यवस्था की योजना बनाई थी।

5. जनता की भलाई में योगदान करने के लिए M Visvesvaraya को ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य के “नाइट” कमांडर की उपाधि दी गई। 

6. 1955 में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M Visvesvaraya) को भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिला।

7. M Visvesvaraya बांधों में पानी के व्यर्थ प्रवाह को रोकने के लिए ब्लॉक सिस्टम के संस्थापक थे, जिसे पहली बार पुणे में खडकवासला जलाशय में स्थापित किया गया था।

यह भी पढ़े: NEET EXAM 2021 PAPER LEAK : राजस्थान की जयपुर पुलिस ने नीट एग्जाम के पेपर लीक होने का किया दावा, 8 लोग गिरफ्तार, क्या रद्द होगी परीक्षा?

0 thoughts on “Engineer’s Day 2021 : M Visvesvaraya की याद के रूप में मनाया जाता है अभियंता दिवस, जाने कौन थे M Visvesvaraya ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *