NEET EXAM को तमिलनाडु में किया जाएगा रद्द, सामने आयी ये बड़ी वजह, राष्ट्रपति को भेजी गयी सहमति पत्र।

12 सितंबर को पूरे देश में नीट परीक्षा (NEET EXAM 2021) का आयोजन हुआ था। अब तमिलनाडु विधानसभा में इस नीट परीक्षा (NEET EXAM 2021) को रद्द करने के लिए एक विधेयक आज पारित कर दिया गया है। खबरों के मुताबिक तमिलनाडु में अब कक्षा बारहवीं के अंकों के आधार पर छात्रों को MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। जब बिल तमिलनाडु विधानसभा में पारित हो रहा था उस समय सदन में विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने विधेयक का समर्थन किया था। भारतीय जनता पार्टी ने इस विधेयक के खिलाफ सदन से वॉकआउट कर दिया।

यह भी पढ़े: Bhupendrabhai Patel होंगे गुजरात के नए मुख्यमंत्री, मोदी- शाह ने भूपेंद्र पटेल को ही क्यों बनाया मुख्यमंत्री, जाने इसके पीछे की बड़ी वजह।

NEET EXAM से छुटकारा दिलाने के लिए मांगी गयी है राष्ट्रपति से सहमति

आपको बता दें सोमवार की सुबह ही तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में विधेयक पेश किया। इस विधेयक में बताया गया कि राज्य के मेडिकल शिक्षा उम्मीदवारों को NEET EXAM से छुटकारा देने के लिए राष्ट्रपति की सहमति मांगी गई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि मैं NEET EXAM के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर रहा हूं। मैं विपक्षी दलों से इस प्रस्ताव को अपना समर्थन देने का अनुरोध करता हूं।

NEET EXAM

एक छात्र के मौत ने खड़ा कर दिया है राजनीतिक तूफ़ान

आपको बता दें रविवार को पूरे देश भर में नीट की परीक्षा (NEET EXAM 2021) हुई थी। उससे ठीक 1 दिन पहले शनिवार को राज्य में नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर लिया था। उस अभ्यार्थी की आत्महत्या के मामले को लेकर राजनीतिक तूफान भी खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि देश में NEET EXAM एक बहुत बड़ा मुद्दा है।

यह भी पढ़े: Covishield Vaccine लेने वालों के अंदर दिख रहे है 4 नए Side effects, AstraZeneca के विषेशज्ञों ने चेताया, इन लक्षणों को न करे अनदेखा।

तमिल में मुख्यमंत्री ने किया था NEET EXAM से जुड़ा ट्वीट

स्टालिन ने तमिल में एक ट्विटर पर पोस्ट लिखा जिसमें लिखा था कि नीट की वेदी पर एक और मौत, कल हम NEET EXAM के लिए स्थाई छूट विधेयक लाएंगे। आइए हम NEET EXAM को भारतीय उपमहाद्वीप के मुद्दे के रूप में लें। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि 1 छात्र धनुष ने आत्महत्या कर लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीएमके इसके लिए जिम्मेदार है क्योंकि परीक्षा के लिए अच्छी तैयारी छात्रों ने की लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई तैयारी नहीं की क्योंकि डीएमके सरकार ने कहा कि NEET को खत्म कर दिया जाएगा। एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि हम एक प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।

तीसरी बार NEET EXAM देने वाले छात्र का मृत शरीर उसके घर पर मिला था

आपको बता दें कि 19 वर्षीय मेडिकल उम्मीदवार सलेम ने आत्महत्या कर लिया, जिसका मृत शरीर उसके घर पर पाया गया था। इस बार तीसरी बार NEET EXAM में शामिल होने वाला था। लेकिन तमिलनाडु सरकार ने हाल में ही एक नीति नोट में बताया कि आधिकारिक समिति ने योग्यता परीक्षा प्राप्त अंकों के आधार पर चिकित्सा में प्रवेश के लिए और NEET EXAM से छूट प्राप्त करने के लिए नया कानून बनाने का सुझाव मिला है।

यह भी पढ़े: T20 WORLD CUP, Shri Lanka: T20 वर्ल्ड कप के लिए श्रीलंका ने घोषित की अपनी 15 सदस्य टीम, इसे मिली टीम की कप्तानी!

छात्र की मौत के कारण एआईएडीएमके के द्रमुक शासन को जिम्मेदार बताया जा रहा है और स्टालिन ने इस मामले पर अड़ियल होने के लिए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रों NEET EXAM से होने वाली भारी कठिनाइयों को केंद्र समझता ही नहीं है और इसकी लापरवाही और हठ छात्रों के आत्महत्या के लिए जिम्मेदारी बनती चली जा रही है।

यह भी पढ़े: टी20 विश्व कप से पहले रविंद्र जडेजा के घर में मचा बवाल!