Raanjhanaa फिल्म में AI का प्रयोग
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वैसे तो आजकल AI के काफी फायदे हैं और भरपूर तरीके से इसका इस्तेमाल भी किया जा रहा है। AI का इस्तेमाल पढ़ने में किया जाता है, जानकारी ढूंढने में ये आपकी मदद करता है, बिमारी की दवा आपको बता देता है और आपकी हर परेशानी का हल AI के पास है लेकिन क्या AI से किसी फिल्म का अंत बदला जा सकता है?
हां, सही पढ़ा आपने और ऐसा हुआ भी है 2013 में बनी एक ब्लॉकबस्टर फिल्म (Raanjhanaa) के साथ, जिसका नाम है ‘रांझणा’ (Raanjhanaa) जिसे तमिल वर्सन में री-रिलीज़ किया गया लेकिन एक ट्विस्ट के साथ।
‘रांझणा’ (Raanjhanaa) एक ऐसी फिल्म है जिसने लोगों के दिलों पर छाप छोड़ी थी, उन्हें प्यार का मतलब सिखाया, प्यार कैसे होता है बताया और बनारस की गलियों से उन्हें रूबरू कराया, ये बताया कि बनारस की गलियों से इश्क कैसे दिल्ली तक पहुंचता है और इस कम्बख़्त इश्क में इंसान क्या-क्या कर सकता है। इस फिल्म का क्लाइमैक्स देखकर लोगों की आंखों में आंसू थे, कुंदन से प्यार था, लगाव था और इसी के चलते इस फिल्म को री-रिलीज़ करने का फैसला किया गया। लेकिन ‘रांझणा’ की री-रिलीज़ से धनुष और फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल.राय बिल्कुल भी खुश नहीं है या यूं कहें कि गुस्से में है।
Raanjhanaa फिल्म का पूरा मामला क्या है
दरअसल हुआ यूं कि ‘रांझणा’ (Raanjhanaa) फिल्म को 1 अगस्त को सिनेमाघरों में री-रिलीज़ किया गया लेकिन कुछ तब्दीलियों के साथ। अगर आपको याद हो तो कुंदन, वो किरदार जिसे धनुष निभा रहे थे जो फिल्म के आखिर में मर जाता है, लेकिन जब इस फिल्म को तमिल में री-रिलीज़ किया गया तो AI कि मदद से कुंदन को फिल्म के आखिर में वापस ज़िदा कर दिया जाता है।
Raanjhanaa फिम्म को लेकर विवाद
ये पूरा विवाद तब शुरू होता है जब धनुष ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया और उसमें लिखा – ‘AI से अल्टर किए गए क्लाइमैक्स के साथ री-रिलीज हुई फिल्म ‘रांझणा’ ने मुझे पूरी तरह परेशान कर दिया है। इस वैकल्पिक एंडिंग ने इस फिल्म से इसकी आत्मा छीन ली है और इससे संबंधित पार्टी ने मेरी साफ आपत्ति के बावजूद इसे जारी रखा है।
https://x.com/dhanushkraja/status/1952040800398795224
कड़े नियम बनाने की जरुरत- धनुष
ये वो फिल्म नहीं है, जिससे मैं पिछले 12 सालों से कमिटेड हूं। AI के इस्तेमाल से फिल्म या कंटेंट में बदलाव करना आर्टिस्ट और आर्ट दोनों के लिए चिंताजनक है। ये सिनेमा की लेगेसी और कहानी कहने की इंटेग्रिटी के लिए खतरा है। मुझे पूरी उम्मीद है की भविष्य में ऐसी प्रथाओं को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएंगे।’

Raanjhanaa फिल्म के डायरेक्टर भी दिखे नाराज
तो वहीं इस फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल.राय (Raanjhanaa) ने भी अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट करते हुए अपना गुस्सा प्रोडक्शन टीम पर जमकर निकाला है – ‘पिछले तीन हफ्ते मेरे लिए बेहद अजीब और गहराई से दुखद रहे हैं। ‘रांझणा’, एक ऐसी फिल्म है जो संवेदनशीलता, टकराव, सहयोग और रचनात्मक जोखिम से पैदा हुई थी, उसे बिना मेरी जानकारी या सहमति के बदला गया, दोबारा पैक किया गया और फिर से रिलीज कर दिया गया। यह अनुभव मेरे लिए बेहद तकलीफदेह रहा। और जो बात इसे और भी बुरा बनाती है, वह है जिस सहजता और लापरवाही से यह सब किया गया है।’
बदलाव बेहतर योजना का हिस्सा- इरोज ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटीव
इरोज़ ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटीव प्रदीप द्विवेदी ने फिल्म में बदलाव करने को लेकर अपनी सफाई में कहा है कि – ‘बदलाव उनकी कंपनी के लॉन्ग टर्म क्रिएटिव और कमर्शियल विजन का हिस्सा है। अगर बदलाव से किसी चीज़ को बेहतर किया जा सकता है तो क्यों नहीं किया जाना चाहिए।’
Raanjhanaa फिल्म के री-रिलीज पर फैंस का अनुभव
ऑडियंस की तरफ से भी ‘रांझणा’ की री-रिलीज़ पर मिले-जुले रिएक्शन्स सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि AI के इस्तेमाल की वजह से इस फिल्म की आत्मा को खत्म कर दिया गया, तो कुछ लोगों का कहना है कि आखिरकार अब कुंदन(धनुष) ज़ोया(सोनम कपूर) के साथ अपनी आगे की ज़िदगी खुशी से बिताएगा।
लेकिन आपको क्या लगता है –
• फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर की नामंज़ूरी के बिना ये करना सही था?
• AI का इस्तेमाल करके एक बनी बनाई फिल्म का क्लाईमैक्स बदल देना सच में उसकी आत्मा पर वार करना है?
• आगे जाकर AI का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है?
• फ्यूचर में AI को जितना ज़रूरतमंद और काम आसान करने वाला कहा जा रहा है ये उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है?