NISAR Satellite क्या है, NISAR को सारे सैटेलाइट का बाप क्यों कहा जा रहा है ? क्या हैं इसके फायदे, जानिए सब कुछ

NISAR Satellite क्या है ?

NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक अत्याधुनिक रडार इमेजिंग सैटेलाइट मिशन है, जिसे अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA और भारत की ISRO ने मिलकर तैयार किया है। यह सैटेलाइट पृथ्वी की सतह पर होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी पकड़ सकता है – वो भी दिन-रात, किसी भी मौसम में।

NISAR क्यों खास है?

यह दुनिया का पहला ड्यूल बैंड रडार सैटेलाइट (NISAR Satellite) है जो L-बैंड और S-बैंड का उपयोग करता है। यह मिशन पृथ्वी की निरंतर निगरानी करने में सक्षम है – चाहे अंधेरा हो या बादल। इसमें लगी है SAR (Synthetic Aperture Radar) तकनीक, जो हाई-रेज़ॉल्यूशन इमेजिंग की सुविधा देती है।

NISAR क्या-क्या कर सकता है?  (NISAR Satellite)

1. प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी

भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट और भूस्खलन जैसे खतरों को पहले से पहचान सकेगा। बर्फ के ग्लेशियर पिघलने जैसी घटनाओं का पता लगाने में मदद करेगा।

2. कृषि में मदद

मिट्टी की गुणवत्ता और नमी का विश्लेषण। फसल की स्थिति और पैदावार का अनुमान। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का आकलन।

3. क्लाइमेट चेंज और पर्यावरण पर निगरानी

वन कटाव, समुद्र स्तर में बदलाव, बर्फ पिघलने और कार्बन स्टोर का विश्लेषण।

4. बुनियादी ढांचे की सुरक्षा

पुल, डैम, तटीय संरचनाएं, और शहरी विस्तार की स्थिति पर डेटा प्रदान करेगा।

NISAR Satellite
NISAR Satellite

NISAR मिशन की लागत

कुल लागत: $1.5 Billion (लगभग ₹13,120 करोड़)

NASA का योगदान: $1.118 Billion (₹9,779 करोड़)

ISRO का योगदान: $93 Million (₹813 करोड़)

यह अब तक का सबसे महंगा Earth Observation Satellite Mission है।

NISAR Satellite की  तकनीकी विशेषताएं (Technical Features)

Orbit: Low Earth Orbit (LEO)

Radar Bands: L-Band (NASA), S-Band (ISRO)

Resolution: 5-10 मीटर तक की हाई डिटेलिंग

Scan Coverage: 240 किमी चौड़ा क्षेत्र प्रति पास

मिशन की समयावधि (NISAR Satellite)

NISAR (NISAR Satellite) को करीब 3 वर्षों तक पृथ्वी की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी डेटा स्ट्रीम से न सिर्फ वैज्ञानिकों को बल्कि किसान, प्लानर और डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियों को भी फायदा होगा।

भारत और विश्व के लिए क्या है महत्व? (NISAR Satellite)

यह मिशन भारत को सैटेलाइट डेटा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा। इससे कृषि नीतियों, जलवायु परिवर्तन, और डिजास्टर मैनेजमेंट में सटीक फैसले लिए जा सकेंगे।भारत का नाम वैश्विक स्पेस टेक्नोलॉजी लीडर्स की सूची में और ऊंचा होगा। NISAR केवल एक सैटेलाइट नहीं (NISAR Satellite), बल्कि पृथ्वी की सेहत की रिपोर्ट बनाने वाला यंत्र है। यह मिशन विज्ञान, पर्यावरण और खेती – तीनों क्षेत्रों के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा।

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