CM Yogi Adityanath के खास वर्ग की Population वाले बयान पर Akhilesh Yadav क्या बोले |

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान नें यूपी के सियासी मिजाज को गर्म कर दिया है। उन्होंने चिंता जाहिर की थी बढ़ती जनसंख्या को लेकर और सियासी बखेड़ा खड़ा हुआ है, उसी दौरान ये कह देने से की एक वर्ग विशेष जनसंख्या बढ़ने से अराजकता फैलेगी। उनके इस बयान के मायने निकालते हुए सपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नें उन पर निशाना साधा है. इतना ही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने नसीहत और बेंग से भरपूर एक ट्वीट दाग दिया। जिसमें अखिलेश यादव लिखते हैं कि अराजकता आबादी से नहीं बल्कि लोकतंत्र की बर्बादी से उपजती है।

CM योगी जनसंख्या पर क्या बोले थे?

दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसंख्या दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में लगातार बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था जिन देशों की जनसंख्या ज्यादा होती है वह जनसंख्या असंतुलन चिंता का विषय बनता है। क्योंकि इससे रिलीजियस डेमोग्राफी परविपरीत असर पड़ता है तो एक समय बाद वह अव्यवस्था, अराजकता पैदा होने लगती हैं। इसलिए जनसंख्या स्थिरीकरण प्रयासों से सभी मत मजहब, वर्ग, संप्रदाय एक समान रूप से जोड़े जाने चाहिए। जब बात परिवार नियोजन की हो, जनसंख्या स्थिरीकरण की हो तो हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि जनसंख्या नियंत्रण के प्रयास सफलतापूर्वक जरूर पूरे हों, लेकिन कहीं भी जनसांख्यिकीय असंतुलन की स्थिति ना पैदा हो पाए। ऐसा ना हो कि किसी एक वर्ग की आबादी बढ़ने की स्पीड ज्यादा हो और जो मूल निवासी हों उन पर जनसंख्या स्थिरीकरण की कोशिशों से इंफोर्समेंट और जागरूकता प्रयासों से उनकी आबादी को नियंत्रित कर दिया जाए। सीएम योगी के इस बयान के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी का बयान भी सामने आया उन्होंने कहा जनसंख्या किसी मजहब की नहीं बल्कि मुल्क की मुसीबत है।

सपा नेता शफीक उर रहमान बर्क नें बोला बीजेपी पर हमला

बीजेपी की ओर से आए इस तरह के बयान पर समाजवादी पार्टी के सीनियर मुस्लिम लीडर शफीक उर रहमान बर्क की ओर से भी एक बेहद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बीजेपी इस तरह के विषय को उछाल रही है। उन्होंने सरकार को नसीहत भरे लहजे में कहा कि सरकार को जनसंख्या कानून की जगह असल मुद्दे जैसे रोजगार, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य आदि पर फोकस करना चाहिए।