Azam Khan पर Enforcement Directorate ने दर्ज किया एक और केस | Azam khan News |

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती हुई नजर आ रही है। दरअसल आजम खान अभी हाल ही में जेल से छोड़कर बाहर आए हैं और अभी भी हाल ही में ED नें उनके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया है। आपको बता दें आजम खान के खिलाफ ED ने उनके खिलाफ जल निगम भर्ती घोटाले को लेकर एक नया मुकदमा दर्ज किया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ सकती है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल 27 महीने की कैद के बाद जेल से छूटकर आए आजम खान ने भी राहत की सांस ले ही रहे थे कि फिर से एक और मुकदमा उनके खिलाफ दर्ज हो गए हैं। यह केस जल निगम भर्ती घोटाले कें मामले में दर्ज किया है। बता दे प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED नें आजम खान के खिलाफ एक नया केस दर्ज किया है, सपा नेता के खिलाफ जल निगम भर्ती घोटाले में मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ED नें आजम खान और कई अन्य अफसरों पर जल निगम भर्ती घोटाले में किया मुकदमा दर्ज !

आपको बताने सपा सरकार ने साल 2016 में जल निगम में 1342 पदों पर भारती का घोटाला सामने आया था। मामले की जांच कर रही SIT नें आजम खान समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वही अब जांच एजेंसी ने जल निगम प्रबंधन से भर्ती प्रक्रिया के दौरान जल निगम में प्रमुख पदों पर तैनात रहे अफसरों की जानकारी मांगी है। जानकारी के लिए बता दें फरवरी 2020 से हीं जेल में बंद चल रहे आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद पिछले महीने ही जेल से बाहर आए थे, उनके खिलाफ दर्ज 89 मामलों में से सभी में जमानत मिल गई थी। 2017 में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही आजम खान पर शिकंजा कसना शुरू हुआ था। आपको जानकारी के लिए बता दें समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान हीं जल निगम में सहायक अभियंता अवर अभियंता और लीपिका के करीब 1342 पदों पर भर्ती हुई थी लेकिन इसमें कम नंबर वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया था। इस मामले में ज्यादा नंबर पाने वाले अभ्यार्थियों ने सवाल उठाया था।

सीतापुर से सपा विधायक है आजम खान

2016 में जब यह मामला सामने आया तो हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायत की जांच एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी की जांच में बीसी पाए जाने के बाद शासन ने आजम खान और अन्य अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे, विवेचना के आदेश के बाद एसआईटी ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। आपको बताने आजम खान ने इस बार का विधानसभा चुनाव जेल में कैद रहते हुए भी लड़ा और जीता भी। सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद सपा विधायक आजम खान ने बेटी अब्दुल्लाह आजम के साथ विधायक पद की शपथ ली विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नें उन्हें शपथ दिलाई। विधायक बनने के बाद उन्होंने रामपुर लोकसभा सीट छोड़ दी है जहां पर अब उप चुनाव होना है।