Loudspeaker ultimatum: Raj Thakre पर औरंगाबाद में FIR उद्धव सरकार ने दिए यें चेतावनी ?

महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बीते 1 महीने से महाराष्ट्र की सियासत में हंगामा कायम रखा है। राज ठाकरे ने लाउड स्पीकर क़े शोर को धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दा बताते हुए अल्टीमेटम दे रखा है और कहां है कि हटा लो वरना हम अपने तरीके से निपट एंगे और मस्जिदों के बाहर दोगुनी ताकत के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। खैर इस अल्टीमेटम की आज आखिरी तारीख है वही राजे ठाकरे अल्टीमेटम को शिवसेना नेता संजय राउत ने बिल्कुल सीरियसली नहीं लिया है। हालांकि पुलिस ने सीरियस ले लिया है और औरंगाबाद रैली को लेकर राज ठाकरे समेत चार लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में एफ आई आर दर्ज कर ली है। इस एफ आई आर कों औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस स्टेशन में पुलिस उप निरीक्षक गजानन इंग्ले की शिकायत पर लिखा गया है। पुलिस ने FIR की है तो ऊधव सरकार सरकार ने नोटिस भी जारी किया है, उधव सरकार ने नोटिस जारी करते हुए एमएनएस के नेताओं से कहा है कि अगर लॉयन ऑर्डर बिगड़ता है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। भड़काऊ बयानबाजी इससे सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान हुआ तो वसूली उन्हीं लोगों से की जाएगी।

Raj Thakre Loudspeaker ultimatum: सरकार ने कहा- ‘नुकसान हुआ तो वसूली करेंगे…?

तो ऐसे में यें बात तो साफ है कि एक तरफ जहां राज ठाकरे के अल्टीमेटम का आज आखिरी दिन है तों उद्धव सरकार ने भी इस पूरे मसले से निपटने के लिए तैयारी कर ली है और राज ठाकरे को हर तरफ से घेरने की कोशिश जारी है। इस पूरे सियासी बवाल के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि राज ठाकरे कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। बता दें कि राज ठाकरे बनाम उद्धव ठाकरे की लड़ाई आज लाउडस्पीकर को लेकर जरूर हो लेकिन इस लड़ाई की पटकथा काफी पुरानी है। दरअसल राज ठाकरे स्वर्गीय बाला साहेब के छोटे भाई के बेटे हैं मतलब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे चचेरे भाई है। राजनीत के इस दौर में बाला साहेब ठाकरे के लिए राज ठाकरे ने खूब पसीना बहाया बाला साहेब भी राज ठाकरे को हमेशा अपने साथ रखते थे सभी को पूरा भरोसा है या बोले कि उन्हें यकीन था कि बाला साहेब के बाद पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ही बनेंगे लेकिन यैन वक्त पर बाला साहेब ने अपने भाई के बेटे को दरकिनार करते हुए अपने खुद के बेटे को पार्टी का प्रमुख बना दिया। जिस से आहत होकर राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ दी और अपनी खुद की पार्टी बना ली नाम रखा महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना आज ही पार्टी और उसके नेता धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर बंद करवाने को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं।