Private Naukari करने वालों के लिए 9 महत्वपूर्ण जानकारी जानें, ताकि पछताना न पड़ें|

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अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं ऐसे में कुछ गलतियां कर देते हैं यानी कि हो सकता है जाने-अनजाने में आपको पता नहीं हो और जिसकी वजह से आपको बाद में पछताना पड़ता है। तो आज मैं आपके लिए ऐसे ही 9 बातें बताने जा रहा हूं जिसको अगर आप कहीं प्राइवेट नौकरी करते हैं मजदूरी करते हैं तो आपका जाना जरूरी है जिससे कि आपको बाद में कोई प्रॉब्लम ना हो पछताना न पड़े। दोस्तों अगर आप कहीं प्राइवेट नौकरी करते हैं या फिर मजदूरी करते हैं ऐसे में जो आप 9 बातें जो मैं अभी बताने जा रहा हूं। उसको हर हाल में गांठ बांध के रख ले क्योंकि यह बात पहले से आपको पता होंगी तो हो सकता है आपको बाद में पछताना नहीं पड़े। आइए हम एक-एक करके जानते हैं।

प्राइवेट नौकरी करते समय इन 9 बातों कों रखें ध्यान

01. नौकरी ज्वाइन करते समय अप्वाइंटमेंट लेटर नहीं लेना ऐसे में क्या होता है जहां भी आप नौकरी ज्वाइन करते हैं तो आपको एक अप्वाइंटमेंट लेटर दिया जाता है। जिसमें कि आपको किस काम के लिए यानी कि इस जॉब प्रोफाइल के लिए रखा गया है, कितने घंटे काम करना है कितनी सैलरी मिलेगी। नौकरी छोड़ते समय क्या सर्विस कंडीशन होगा आदि सारी बातें लिखी होती है। ऐसे में अगर आपको अप्वाइंटमेंट लेटर नहीं दिया गया है तो रिटर्न में आप मांग कर सकते हैं ऐसे में कई बार क्या होता है कंपनी वाले आपसे काम करा लेते हैं एक-दो महीने और आपको नौकरी से निकाल देते हैं और यह क्या देते हैं कि हमने तुम्हें काम ही नहीं करवाया और ऐसे समय में आपने वहां काम किया है यह साबित करना काफी मुश्किल हो जाता है।

02. नौकरी ज्वाइन करते समय अपना ओरिजिनल सर्टिफिकेट एंपलॉयर के यहां जमा कर देना तो तो जहां भी सरकारी या प्राइवेट कंपनी में कोई वैकेंसी निकलती है तो उसके लिए कुछ शैक्षणिक योगिता की मांग की जाती है ऐसी स्थिति में क्या होता है जब आपका डॉक्यूमेंटेशन होता है तो उस समय ले जाना है उसका फोटो कॉपी जमा कराना होता है। फोटोकॉपी को ओरिजिनल से मिलाकर के यानी कि वेरीफाई करके ओरिजिनल आपको दे दिया जाता है लेकिन कई जगह से यह जानकारी मिली है कि कई मालिक क्या कोई कंपनी वाले क्या करते हैं आपका ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स जमा करके रख लेते हैं और बार-बार मांगने के बाद भी नहीं देते हैं तो अगर आप ऐसा करते हैं तो बाद में आप के जो मालिक है या फिर कंपनी वाले हैं आप का सर्टिफिकेट देने में आनाकानी करेंगे।

03. सबसे अहम बात यह है कि सादे कागज पर मालिक के कहने पर हस्ताक्षर करके जमा करा देना। दोस्तों आज कल कई जगह से जानकारी मिली है कि प्राइवेट कंपनी वाले या फिर आपके जो मालिक हैं आपको नौकरी ज्वाइन कराते समय एक सादे कागज पर साइन करा लेता है नीचे में ऐसे लोग बेरोजगारी से परेशान हो करके या फिर या फिर नौकरी पाने की लालसा में साइन कर देते हैं और बाद में उसी को आधार बना कर के आप के मालिक होते हैं आपका शोषण करते हैं। कई बार तो यह भी होता है कि उसमें लिख देते हैं कि आपने दो लाख का लोन लिया एक लाख का लोन लिया जबकि आप लेते नहीं है और क्योंकि आपका साइन नीचे किया हुआ रहता है तो ऊपर कुछ भी स्टेटमेंट लिखकर करके आप को डराते-धमकाते हैं। कई बार आप को सैलरी भी नहीं देते हैं तो इससे आप बचे।

04. 30 दिन पूरा होने पर अपनी सैलरी की मांग लिखित में ना करना होता यह है अगर मासिक तौर पर कहीं पर काम करते हैं तो 30 दिन पूरा होने के बाद अगले महीने के 7 से लेकर के 10 तारीख के पहले पहले हर हाल में आपके मालिक को आपको भुगतान कर देना होता है और ऐसे में क्या करते हैं लोग भरवली जागर के बात करते हैं रिटर्न में उसको प्रूफ नहीं बनाते हैं कि हमेशा ही नहीं मिला है। ऐसा अगर आप नहीं करते हैं तो कल को आप क्लेम करने जाते हैं तो वह डिमांड लेटर आपको दिखाना होता है। तो इस तरह का कुछ भी हो तो सबसे पहले आप एक ईमेल यह फिर पत्र जिसका रिसीविंग आपके पास होना चाहिए वह जरूर लिखे। बाद में वह आपके काम आएगा और मालिक के ऊपर या फिर कंपनी वाले के ऊपर भी जब मिल करेंगे तो एक प्रेशर बिल्डप होता है।

05. जहां भी आप काम करते हैं वहां काम से संबंधित जो भी पेपर है या फिर रिकॉर्ड है उसको संभाल कर के नहीं रखना। दोस्तों आज कल देखा जाता है कि लोग काम तो करते हैं लेकिन कोई वार्निंग लेटर या फिर छुट्टी कें लिए एप्लीकेशन दिया तो संभाल करके अप्रूवल लेटर उसका नहीं रखते हैं। बाद में कई बार माना जाता है इसके बाद प्रॉब्लम होती है मैं आपको यही कहूंगा कि अभी से इस को गांठ बांध लें यह फिर जो भी मैं जानकारी दे रहा हूं उसको नोट कर लें तो इस जानकारी से कहीं ना कहीं आपको फायदा मिलेगा।

06. आपके द्वारा आपके अकाउंट में सैलरी नहीं लेना अक्सर कम पढ़े लिखे लोग अपना सैलरी अकाउंट में नहीं लेना चाहते हैं। वह चाहते है कि उनको कैश में मिल जाए 1 महीने 2 कें लिए काम हो तो कैश में चलता है लेकिन जब आप लंबे समय के लिए कहीं जॉब करते हैं तो कोशिश करें चाहे दुकान में हो होटल में हो रेस्टोरेंट में हूं तो कोशिश करें बैंक अकाउंट के अंदर ही सैलरी लें लें। क्योंकि वह सबसे बड़ा प्रूफ होता है कि आप वहां पर काम कर रहे हैं, अगर इस तरह का आपके पास लंबे समय तक काम करने का प्रूफ होगा। तो वह भी आप क्लेम कर सकते हैं उसके लिए बैंक में पैसा ले रहे हैं तो बहुत बड़ा प्रूफ है कि आपनें वहा काम किया है।

07. छुट्टी लेते समय लीव एप्लीकेशन का अप्रूवल कॉपी संभाल कर के नहीं रखना। अक्सर क्या होता है कई जगह पर तो भरवेली छुट्टियां लें करके चले जाते हैं लेकिन कई जगह पर आपको लीव एप्लीकेशन देने का नियम होता है और ऐसे में आप एप्लीकेशन दिए थे लेकिन उसका रिसिविंग नहीं लेते हैं और कल को अगर आप का मालिक या फिर कंपनी वाले मुकर जाएं कि इसने छुट्टी नहीं लिया तो आपके पास कोई प्रूफ नहीं रहा जाता है। इसलिए मैं आपको सजेस्ट करूंगा कि हमेशा एक फॉर्मेट आप ले ले नीचे डिस्क्रिप्शन में लिंक दे दूंगा अलग-अलग छुट्टी के लिए जो हमनें ब्लॉक पर बताया है। वहां से आप उसको देख करके आप खुद से लिख करके एक ई-मेल पर सीधे भेज दे। उससे क्या होगा आपकी ईमेल में एक सेब रहेगा कि भाई इससे इस तारीख तक हमने छुट्टी मिला था। कई बार लोंग छुट्टी लेकर के जाता है बाद में जब आते हैं तो उनकी जगह पर किसी और को रख लिया जाता है। ऐसी स्थिति में हालांकि आप लेबर कोर्ट में जाकर के चुनौती दे सकते हैं लेकिन काफी उसके बाद परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर इन बातों को ध्यान रखेंगे तो इस मुसीबत का सामना आपको आगे से नहीं करना पड़ेगा।

08. मालिक के ऊपर आंख मूंद करके विश्वास कर लेना यह जो पॉइंट है अक्सर जो कम पढ़े लिखे मजदूर है उनके साथ होता है। मालिक या ठेकेदार के माध्यम से और क्योंकि वह प्रदेश में होते है. उनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता है तो अक्सर जहाँ पर काम करते है उसी साइड पर वह सो जाते है। वहा पर उनके रहने का व्यवस्था होता है जहां पर पैसा रखने का कोई व्यवस्था नहीं होता ऐसे में उनका ठेकेदार या मालिक कहता है कि जब घर जाने लगना तब एक बार सैलरी ले लेना तब तक खुराकी देता हूँ और जब 1 साल 6 महीना हो जाता है, काफी मोटा पैसा हो जाता है तो देने से वह इंकार कर देता है और बीच में जो पैसा देता है वह साइन या अंगूठा लेते रहता है। और वहां पर भले ही आपको 1 हजार दे रहा हो लेकिन 10 हजार लिखकर के बाद में आपके साथ बेईमानी करता है तो कभी नहीं आप जब भी इस तरह का हो आप खाते में पैसा ले। अगर अकाउंट में पैसा नहीं देता है कैश में भी देता है तो हर महीने अपने घर वाले कोई अकाउंट रखे जिसमें की जमा करा दे।


09. अपने हक और अधिकार की जानकारी नहीं होना आप में से बहुत सारे लोग पढ़ाई करते हैं पढ़ाई करने के बाद नौकरी ज्वाइन करते हैं नौकरी ज्वाइन करने के बाद जो भी आपको आकर काम सिखाया जाता है बताया जाता है उसके हिसाब से काम करने लगते हैं। आपको कंपनी वाले के द्वारा जो रूल बताया जाता है उसको फॉलो करते हैं और ऐसे में अगर आपको अपने हक और अधिकार की जानकारी नहीं है तो वह जो बता देते हैं वह आपको मानना पड़ता है लेकिन अगर आपको अपने हक और अधिकार की जानकारी होगी तो कम से कम आपके कंपनी वाले या फिर मालिक आपका शोषण नहीं कर पाएंगे।