Johannesburg Test : डिन एल्गर के अगुवाई में भारत के खिलाफ प्रोटियाज ने वांडरर्स में किया 1-1 से सीरीज बराबर।

Johannesburg Test (IND vs SA), 2nd Test:- प्रोटियाज कप्तान डीन एल्गर ने नाबाद 96 रनों की शानदार पारी के सहारे मैच को जीत के साथ समाप्त किया। उन्होंने अपनी टीम को वांडरर्स में भारत पर सात विकेट से जीत के साथ तीन मैचों की श्रृंखला में 1-1 की बराबरी पर रखा। सीरीज में अपनी टीम की पकड़ मजबूत किया।
कप्तान डीन एल्गर की अगुवाई में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। एल्गर ने 188 गेंदों में नाबाद 96 रनों की शानदार प्रदर्शन से पारी का अंत किया। प्रोटियाज ने 240 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुरुवार को जोहान्सबर्ग के वांडरर्स टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की। ऐसे में निर्णायक तीसरा टेस्ट मैच कैप टाउन में मंगलवार यानी की 11जनवरी से खेला जाएगा।

Johannesburg Test : डिन एल्गर के अगुवाई में भारत के खिलाफ प्रोटियाज ने वांडरर्स में किया 1-1 से सीरीज बराबर।

शतक से 4 रन रहे दूर डिन एल्गर

एल्गर ने तीसरे दिन लगातार तीन घंटे बल्लेबाजी की और चौथे दिन की खेल शुरू होते–होते 46 रनों पर खेल रहे थे तथा उन्होंने नाबाद 96 रनों की शानदार प्रदर्शन से पारी का अंत किया। पहले दो सत्र बारिश के चलते धुल गए। जब दिन का खेल आखिरकार शुरू हो गया तो, तेज–तर्रार 11 रन बनाने वाले रस्सी वान डेर डूसन ने दक्षिण अफ्रीका को भारी रोलर के प्रभाव का फायदा उठाते हुए पारी को संभाला। अंत में चौथे दिन का खेल शुरू होने के बाद प्रोटियाज ने केवल 11 ओवरों में ही 54 रन बना डाले। इस दौरान वैन डेर डूसन ने सबसे ज्यादा और तेज़ी से रन बनाए और इस तरह मेजबान टीम की पकड़ को और मजबूत बना दिया।

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इस दौरान आउटफील्ड गीली होने के कारण गेंद को दो बार बदला गया। शमी ने वैन डेर डूसन को चलता किया। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और पहली स्लिप में खड़े चेतेश्वर पुजारा के पास जा पहुंचा। एल्गर और वैन डेर डूसन के बीच 82 रनों की साझेदारी हुई, जिनमें से 40 रन बाकी बचे खिलाड़ियों से आया।

टेम्बा बावुमा, जो एल्गर के बाद श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, उन्होंने वैन डेर डूसन की जगह ली। बावुमा की किस्मत अच्छी थी की वह “लॉर्ड” शार्दुल के हाथों बच गए। कॉट एंड बोल्ड के दौरान ठाकुर के लिए यह एक कठिन मौका था क्योंकि उनके पास फॉलो-थ्रू में अपना दाहिना हाथ बाहर निकालने के लिए बहुत कम समय था और विकेट हाथ से निकल गई। यह सिर्फ दूसरी ही गेंद थी जिसका बावुमा ने सामना किया था।

 Johannesburg Test – एल्गर ने बदला गियर

एल्गर ने अपने शॉट्स खेलना शुरू कर दिया। उनके और बावुमा के बीच साझेदारी कुछ ही समय में 50 के पार चली गई। पिछली बार भी एल्गर ने नाबाद 86* रनों की शानदार पारी खेली थी जब वेंडर्स में भारत का सामना हुआ था, बावजूद इसके मेजबान टीम ने उस मैच को 63 रनों से हार गई थी। परंतु इस बार एल्गर और बावुमा ने प्रोटियाज की नैया पार लगाई।

मैच के अंत में मोहम्मद सिराज और डीन एल्गर के बीच तू-तू मैं-मैं होने के कारण माहौल थोड़ा गरम हो गया था।जिसके बाद ठाकुर ने अपनी हताशा को बयां किया। बावुमा ने मैच की दूसरी आखिरी गेंद पर एक चौका लगाया, जिससे घाटा पांच रन पर आ गया और फिर दो रन लेकर तीन पर आ गए। इसके बाद एल्गर ने अश्विन की गेंद पर अगले ही ओवर में विजयी रन बनाए।

लेखक ~ आर्यतीर्थ गांगुली

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