क्या है निर्भया डिवाइस – Nirbhaya Device
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गुजरात के सूरत में रहने वाले 18 साल के हरमीत गोदानी ने 1 इंच का छोटा-सा डिवाइस (Nirbhaya Device) बनाया है जिसका नाम उसने निर्भया डिवाइस (Nirbhaya Device) रखा है। ये डिवाइस हर उस लड़की के लिए है जो देर रात ऑफिस से घर लौटती है, जिसे अकेले घर से निकलने में डर लगता है। इस डिवाइस का सिर्फ एक बटन दबाने से सभी घरवालों के पास अलर्ट पहुंच जाएगा।
Nirbhaya Device के बारे में थोड़ा समझते हैं
• ये डिवाइस (Nirbhaya Device) सिर्फ 1 इंच का है जिससे इसे कहीं भी आसानी से छिपाया जा सकता है मतलब ये पोर्टेबल है।
• इसे आप एक ऐप के ज़रिए ब्लूटूथ से कनेक्ट करके अपने मोबाइल से जोड़ सकते हैं।
• कोई भी लड़की जब किसी भी मुसीबत में होगी तो उसे सिर्फ इस डिवाइस का बटन दबाना है और उसके घरवालों के पास उसकी लाइव लोकेशन शेयर हो जाएगी।
हरमीत गोदानी का कहना है कि मेरे पास 2022 तक के आंकड़ें हैं और जब मैंने देखा कि रोज़ाना 15 मिनट के अंदर एक रेप केस रजिस्टर हो रहा है और हर 5 से 6 मिनट के अंदर एक किडनैपिंग का केस दर्ज करवाया जा रहा है, जब ये सारे आंकड़ें मैंने देखे तो मैंने सोचा की मुझे ऐसा एक डिवाइस (Nirbhaya Device) बनाना है जिससे हर लड़की सुरक्षित महसूस कर सके।

आइए अब एक नज़र आधिकारिक आंकड़ों पर भी डाल लेते हैं –
NCRB के 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सालाना 31,677 रेप के केस दर्ज किए जाते हैं, लगभग 86 रेप केस रोज़ाना दर्ज होते हैं। जिसमें से 89% रेप केस वो रिपोर्ट किए जाते हैं जिनका रेप घर के ही किसी जानकार ने किया होता है। दिल्ली पुलिस की 2019-2020 की एक रिपोर्ट के मुताबिक 44% रेप के केसों में रेप करने वाले पीड़िता के रिश्तेदार ही होतें हैं। ये सभी तो वो आंकड़ें हैं जिन्हें रिपोर्ट करवाया गया है न जाने ऐसे कितने केस होंगे जो कभी रिपोर्ट ही नहीं करवाए जाते।
हरमीत गोदानी ने तो अपनी तरफ से एक पहल कर दी है लेकिन वो लोग जो इन दरिंदो को शायद अपनी आंखों से देखते हैं या जानते हैं वो कब कदम उठाएंगे, वो कब एक केस दर्ज करवाएंगे, कब तक उन्हें घरों में छुपाएंगे, कब तक अपने ही घर की लड़की को चुप करवाएंगे। कब रुकेगा ये सिलसिला या फिर कभी नहीं रुक पाएगा…