MSP पर गेहूँ खरीदी में मोदी सरकार ने बनाया किसानों को सबसे ज्यादा पैसा देने के रिकॉर्ड, किसान करेंगे गुरिल्ला आंदोलन ।

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जहाँ देश में एक तरफ किसानों का धरना अभी भी जारी है वही मोदी सरकार ने गेहूं खरीदी में किसानों के खेतों में सीधे करीब 75 ,515 करोड़ रूपये दिए जा चुके है। एक तरफ किसानों में भ्रान्ति है की तीनो कृषि कानून के वजह से किसानों को मिलने वाली MSP बंद हो जायेगी। लेकिन अब सरकारी आकड़ो के हिसाब इस साल सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ करने का रेक्रेड बना दी है।

बीजेपी के प्रवक्ता राजिव जेटली ने बताया की हमारी सरकार ने गेहूं की MSP पर सबसे अधिक पैसा देने का रिकॉर्ड बनाया था जो 62802 .88 करोड़ रूपये था। अब हमारी सरकार ने इस रिकॉर्ड को भी तोड़ते हुए इस साल रबी मार्केटिंग सीजन में 21 मई तक 75 ,514 .61 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में सीधे भेजे जा चुके है। सरकार पहले भी कहती आई है की कृषि कानूनों से कोई MSP नहीं जाने वाली है। MSP जैसे पहले जारी थी वैसे ही आगे भी जारी रहेगी। कुछ राजनीतिक दल किसानों को MSP पर गुमराह कर रहे है उनको बरगला रहे है। केंद्र सरकार के द्वारा जारी आकड़े के अनुसार इस साल मई 21 तक 382 .35 लाख मैट्रिक टन गेहूँ अब तक खरीदा जा चूका है। पिछले साल से सिर्फ 7 लाख मैट्रिक टन दूर है जो इस हफ्ते पूरा कर लिया जाएगा।

इसी बीच किसानों ने कोरोना को देखते हुए एक अलग तरिके का आंदोलन करने की खास रणनीति बनाई है। इस बार किसान गुरिल्ला आंदोलन करने की तैयारी में है। इस आंदोलन की वजह से इतना तो तय है की बीजेपी के नेताओ , जिसमे मुख्यमंत्री , मंत्री,सांसद और विधायक इनकी राह मुश्किल होने वाली है। ऑल इंडिया किसान खेत मजदुर संगठन के अध्यक्ष सत्यवान ने बताया की केंद्र सरकार किसानों की मांग को लेकर आपराधिक प्रवृति की रास्ते पर निकल पड़ी है। सरकार चाहती है आंदोलन लम्बा चले ताकि किसान खुद किसी तरह बदनाम हो जाए। सरकार पहले भी ऐसे बदनाम करने की कोशिश कर चुकी है।

किसान संगठनों ने बताया है की सभी किसान 26 मई को काला दिवस मनाएंगे। इस काला दिवस को देश की 12 पार्टिया अपना समर्थन दिया है जिसमे अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव,उद्धव ठाकरे , कांग्रेस ,आदि पार्टिया शामिल है।