निर्मला सीतारमण ने किया एक और राहत पैकेज का ऐलान, कोरोना संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार का बड़ा कदम।

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निर्मला सीतारमण

केंद्र सरकार की तरफ से एक और आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया गया है। कोरोना के इस महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार हर मोर्चे पर तैयारी कर रही है। इस आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान करने के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई बड़े ऐलान किए गए।

हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने का उठाया कदम।

आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया हेल्थ सेक्टर से जुड़ा एक पड़ा राहत पैकेज दिया जा रहा है। इस राहत पैकेज के अंतर्गत हेल्थ सेक्टर को 50000 करोड़ों रुपए व अन्य सेक्टर को 60000 करोड रुपए दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने आगे बताया इस योजना के अंतर्गत 100 करोड़ तक के लोन सिर्फ 7.95% ब्याज पर मिलेगा जबकि अन्य सेक्टर्स के लिए ब्याज 8.25% से ज्यादा नहीं लिया जाएगा।

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केंद्र की ओर से छोटे कारोबारियों के लिए भी हुआ बड़ा ऐलान।

केंद्र सरकार की ओर से क्रेडिट गारंटी योजना की आरंभ की गई। इस योजना के तहत छोटे कारोबारी इंडिविजुअल एनबीएफसी माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट से 1.25 लाख तक का लोन लेने में सक्षम होंगे। लोन की अवधि 3 साल होगी जिसकी गारंटी सरकार देगी। इस योजना का लाभ करीब 25 लाख लोगों को दिया जाएगा।

टूरिस्ट गाइड और ट्रैवल टूरिज्म के लिए भी मदद का हुआ ऐलान।

कोरोना महामारी से प्रभावित रजिस्टर टूरिस्ट गाइड और ट्रैवल टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स को केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय मदद देने का ऐलान किया गया है। इस योजना में लाइसेंस धारी टूरिस्ट गाइड को ₹1 लाख और टूरिस्ट एजेसी को 20 लाख रुपए लोन के तौर पर दिए जाएंगे। इस लोन को 100% गारंटी के साथ दी जाएगी जिस पर कोई भी प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा। 31 मार्च 2022 से पहले 5 लाख पर्यटकों को भारत आने पर किसी भी प्रकार का वीजा शुल्क नहीं देना होगा।

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पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का भी किया गया विस्तार।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार कर दिया जाए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवंबर 2021 तक का है। आरंभ में इस योजना को मई और जून महीने तक के लिए ही रखा गया था। वित्तीय वर्ष 2020 – 21 में इस स्कीम पर करीब 1,33,972 करोड़ रुपए खर्च हुए थे जबकि इस साल इस पर करीब 93,869 करोड रुपए खर्च होने है।

ECLGS के लिए भी फंडिंग में इजाफा।

इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम (ECLGS) के लिए भी फंडिंग का ऐलान वित्त मंत्री ने किया। इस स्कीम को तीन लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत अब तक एमएसएमई हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को 2.69 लाख करोड़ रुपए का वितरण भी किया जा चुका है।

आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना पर भी बड़ा ऐलान।

31 मार्च 2022 तक आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार किया गया है। इस योजना के अंतर्गत सरकार 1000 कर्मचारियों को स्ट्रैंथ वाली कंपनी में पीएफ का नियुक्ति और एम्पलाई दोनों का हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा भरा जाएगा। 1,000 से अधिक एम्पलाई वाली कंपनियों में पीएफ के लिए एम्पलाई का हिस्सा 12% सरकार भरेगी।

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आर्थिक पैकेज में किसानों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी की व्यवस्था।

देश के किसानों के लिए वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया 14,775 करोड रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। इसमें 9125 की सब्सिडी सिर्फ डीएपी पर देने का वादा किया गया जबकि एनपीके पर 50 करोड़ की सब्सिडी मिलेगी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि रबी सीजन 2020 -21 में 432.48 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई जबकि किसानों को अब तक ₹85,413 करोड़ दिए जा चुके हैं।

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