President Droupadi Murmu | जमकर हुई Cross Voting, खतरे में UPA ! | Congress |

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सत्ता आने के बाद से विपक्ष की ओर से विपक्षी दलों एकजुट करने की तमाम कोशिशें की जाती रही है लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी। पिछले दो लोकसभा चुनाव में भी नहीं हो सका और इस बार भी राष्ट्रपति चुनाव में भी ऐसा कुछ देखने को मिला है। विपक्षी खेमे से क्रॉस वोटिंग ने द्रौपदी मुरमू को भारी मतों से एक तरफ जीताया तो दूसरी तरफ विपक्षी एकता के मंसूबों पर पानी फेर दिया राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा 17 सांसदों ने द्रोपति मुर्मू के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की वही 125 विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की है।

किस राज्य से कितने विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

01. बिहार 6 विधायक

02. अरुणाचल प्रदेश से 1 विधायक

03. असम से 22 विधायक

04. छत्तीसगढ़ से 6 विधायकों ने

05. गोवा से 4 विधायकों ने

06. गुजरात से 10 विधायक

07. हरियाणा से 1 विधायक ने

08. हिमाचल प्रदेश सें 2 विधायकों ने

09. झारखण्ड सें 10 विधायकों ने

10. मध्य प्रदेश सें 18 विधायकों ने

11. महारष्ट्र सें 16 विधायकों ने

12. मेघालय सें 7 विधायकों ने

13. गुजरात सें 10 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।

राष्ट्रपति चुनाव में बिकरी कांग्रेस




इस पुरे मामले में गौर करने वाली कांग्रेस क़े कई विधायकों ने अलग-अलग राज्यों में जमकर क्रॉस वोटिंग की है। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस क़े पास विधानसभा में 96 विधायक है लेकिन कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 69 वोट मिले है। जबकि एनडीए उम्मीदवार द्रोपति मुर्मू को मध्य प्रदेश से 146 वोट मिले है मतलब करीब 18 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 71 विधायकों के साथ बहुमत कांग्रेस के पास है वहीं बीजेपी के 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के तीन और बसपा क़े 2 विधायक है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी क़े विधायकों कों मिलकर मुर्मू क़े वोटो की संख्या 19 होनी थी लेकिन नतीजे सामने आने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ से 21 विधायकों का मत मिला वही यशवंत सिन्हा को 69 विधायकों का मत मिला है। इस प्रकार क्रॉस वोटिंग होने से द्रौपदी मुर्मू को विपक्ष के सभी 19 विधायकों क़े अतिरिक्त सत्ताधारी कांग्रेस के भी दो विधायकों के वोट मिल गए।

कांग्रेस विधायकों ने मुर्मू के पक्ष में डाले वोट ?

राजस्थान की बात करें तो राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में 75 वोट पड़े हैं जबकि यहां बीजेपी के पास 70 विधायक ही है ऐसे में 5 वोट अतिरिक्त मिले है। इस राज्य क़े विधायकों सें द्रौपदी मुर्मू क़े व्यक्तिगत रिश्ते भी हैं वैसे भी यह राज्य आदिवासी बहुल राज्य हैं। इसको देखते हुए कांग्रेस क़े साथ गठबंधन की सरकार चलाते हुए भी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग करने का ऐलान किया था। इस राज्य के आदिवासी समाज की भावना आहत न हो 82 सीटों वाले विधानसभा में से केवल 9 वोट यशवंत सिन्हा को मिले जबकि 18 विधायक कांग्रेस के और एक-एक सीटे सीपीआई-एनसीपी की है। 70 वोट बीजेपी प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू को मिले। ऐसे ही कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर द्रोपति मुर्मू को वोट दिया है। आपको बताते चलें कि इNDA उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी वह 25 जुलाई को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी। द्रोपदी मुर्मू ने विपक्ष उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराया है। राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू को 64 फीसद वोट मिले हैं जबकि यशवंत सिन्हा को 36 फ़ीसदी ही मत मिल सकें। चुनाव में द्रोपदी मुर्मू को कुल 6 लाख 76 हजार 803 वोट मिले जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में 3 लाख 80 हजार 177 वोट पड़े है। राष्ट्रपति चुनाव में कुल 4 हजार 754 वोट पड़े मतगणना में 53 वोट आमन्य पाए गए।