साइटोमेगालो वायरस का खतरा : राजधानी में मिला एक वायरस !

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साइटोमेगालो वायरस

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में एक नई तरह की वायरस इंफेक्शन होने की खबर आई है। कोरोना संक्रमित लोगों में दूसरे वायरस की वजह से एक मरीज की मौत हो गई। कोरोना वायरस से संक्रमित 5 मरीजों को साइटोमेगालो वायरस का इंफेक्शन हो गया है। एक निजी अस्पताल में कोरोना की दूसरी लहर से संक्रमित हुए 5 मरीजों के मलाशय में साइटोमेगालो वायरस का संक्रमण हुआ इसके वजह से रक्त स्राव होने लगा।

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मंगलवार को अस्पताल के अधिकारियों ने उसका दावा करते हुए कहा कि उन लोगों में इसका पहली बार इंफेक्शन सामने आया है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता सामान्य थी। सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कोविड-19 का पता लगने के बाद मरीजों में इसकी समस्या औसतन 20 से 30 दिन तक रहती है।

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अस्पताल के ही एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा मलाशय में सीएमवी संबंधी रक्तस्राव हुआ। अब तक सामान्य रूप प्रतिरोधक क्षमता वाले उन मरीजों को प्रभावित करता था जिनका कोई अंग प्रतिरूपण हुआ हो या कैंसर, एड्स जैसी बीमारी से पीड़ित हो। भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोविड 19 से संक्रमित सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों को के मलाशय में साइटोमेगालो वायरस के संक्रमण होने की वजह से रक्तस्राव होना शुरू हो गया हो।

साइटोमेगालो वायरस के खतरे

इंस्टीट्यूट आफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं पैंक्रीएटोबाइलेरी साइंस के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल अरोड़ा के अनुसार अप्रैल-मई के दौरान जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपने पिक पर थी उस दौरान कोविड-19 से संक्रमित सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में सीएमवी संक्रमण के 5 मामले देखने को मिले थे।

पेट दर्द की थी शिकायत

प्रोफेसर अनिल अरोड़ा के अनुसार इन मरीजों में पेट में दर्द और शौच के दौरान खून आने की शिकायत थी। उन्होंने आगे बताया इन मरीजों को इसके अलावा कोई और बीमारी नहीं है जिसकी वजह से उनकी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर माना जा सके। अस्पताल ने अपने बयान में बताया कोरोना संक्रमण और इसके उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली स्ट्राइड दवाइयों की वजह से मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता जरूर कमजोर हो जाती है और उन्हें असामान्य संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील बना देती।

भारतीय आबादी में मौजूद है यह वायरस

भारतीय आबादी में साइटोमेगालो वायरस लगभग 80 से 90% तक मौजूद है। लोगों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने के कारण आमतौर पर इसका लक्षण सामने नहीं आता। लेकिन इसके लक्षण उन लोगों में दिखने लगते हैं जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। डॉक्टरों ने बताया कोरोना के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है इसलिए यह पांच मामले इन मरीजों में सामने आए जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कोरोना की वजह से कमजोर हो गई थी।

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खबरों के अनुसार 5 में से 2 मरीजों को काफी रक्तस्राव हुआ है जिसमें से एक मरीज को आपात जीवन रक्षक सर्जरी भी करने की जरूरत पड़ी थी। दूसरे मरीज की अधिक रक्तस्राव और कोरोना होने के कारण गंभीर रोग की वजह से मौत हो गई। प्रोफेसर अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है।

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