Sleeping Direction: दाम्पत्य जीवन मे रखना चाहते हैं मधुरता, तो महिलाओं को इस दिशा मे सोने से करना होगा परहेज़

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Sleeping Direction
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Sleeping Direction: क्या आपको पता है कि बेडरूम के शेप साइज , उसपे इस्तेमाल होने वाले गद्दे बिस्तर के अलावा भी उसकी दिशा का भी असर आपकी नींद पर पड़ता है , अगर बेडरूम की दिशा वास्तु के हिसाब से सही है तो आपका वैवाहिक जीवन भी अच्छे से बीतता है आज हम आपको बेडरूम की दिशा से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

वायव्य कोण के महत्व

वास्तु के अनुसार, उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच की जगह को वायव्य कोण कहा जाता है। ऐसे में विवाहित महिलाओं को कभी भी सोते समय इस दिशा में गलती से भी पैर करके नहीं सोना चाहिए। आपको बता दें कि ऐसा करने से महिलाओं के मन में नकारात्मक विचार आते हैं और वह हर छोटे लड़ाई झगडे पर रिश्ते को खत्म करने के बारे में ज्यादा सोचने लग जाती हैं।

दक्षिण दिशा के महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार, विवाहित स्त्रियों को सोते समय हमेशा सिर दक्षिण दिशा की ओर करना चाहिए।वहीं, कभी भी विवाहित महिलाओं का पैर दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए। आपको बता दें कि ये दिशा यमराज की मानी जाती है, और इसीलिए इस दिशा में पैर करके सोना अशुभ माना जाता है।

उत्तर दिशा के महत्व

आपको बता दें कि विवाहित महिलाओं को उत्तर दिशा की तरफ भी कभी पैर करके नहीं सोना चाहिए। ये दिशा धन के देवता कुबेर की मानी जाती है। इस दिशा में पैर करके सोने से धन हानि होने की आशंका बन जाती है, और इससे आर्थिक स्थिति खराब होने का डर ज्यादा होता है।

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दक्षिण-पश्चिम दिशा का महत्व

विवाहित स्त्रियों के साथ ही कुंवारी कन्याओं को भी सोते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।आपको बता दें कि कन्याओं को कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ पैर करके नहीं सोना चाहिए। इससे उनके विवाह में बहुत विलंब होता है। कन्याओं को हमेशा उत्तर दिशा में पैर करके सोना चाहिए। इससे उनके शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

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