Up election 2022: Lalitpur assembly seat इस बार मुद्दे गौण, जातीय समीकरण हावी?

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उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण में जिन सीटों पर चुनाव होंगे उनमे ललितपुर विधानसभा सीट भी शामिल है। यहा 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे, उत्तर प्रदेश की सियासत में इसे काफी अहम माना जाता है। ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में नगरीए के साथ ही कुछ ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं, इस यहां कांग्रेस के बलवंत सिंह राजपूत भारतीय जनता पार्टी के रामरतन कुशवाहा समाजवादी पार्टी के रमेश कुशवाहा और बहुजन समाज पार्टी के गुड्डू राजा के बीच मुकाबला है। इस सीट पर साल 2017 चुनाव मे चुनावी नतीजे की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के रतन कुशवाहा ने 1 लाख 56 हजार 942 वोट हासिल कर जीत का परचम लहराया था। उन्होंने समाजवादी पार्टी की ज्योति सिंह को 68 हजार 255 वोटो के अंतर से मात दी थी, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ज्योति सिंह को 88 हजार 687 वोट मिले थे। जबकि बहुजन समाज पार्टी के संतोष सिंह कुशवाहा को 55 हजार 549 वोट मिले थे, साल 2017 में वोटों का प्रतिशत 49.38 फीसदी रहा था। पिछले चुनाव में इस सीट पर विकास के मुद्दे प्रमुख रहते थे, लेकिन अब जातीय समीकरण हावी होने लगे हैं। पॉलीटिकल पार्टीज ने इस बार के चुनाव में जातीय समीकरण को देखते हुए देखकर ही अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

Up election 2022: Lalitpur assembly seat इस बार मुद्दे गौण, जातीय समीकरण हावी?

ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने हैं वोटर्स?

इस बार की सियासी रण में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने कुशवाहा समाज के चेहरों पर दांव लगाया है। ऐसे में ललितपुर सीट का चुनाव और भी ज्यादा रोमांचक है, इस विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरणों की बात करें तो कुल वोटर 4 लाख 87 हजार 641 है। इनमें से पुरुष वोटर 2 लाख 55 हजार 329 है, जबकि महिला वोटर्स की संख्या 2 लाख 32 हजार 283 है. अन्य वोटर्स की संख्या 29 है। यहां कुशवाहा वोटर्स 68 हजार यादव वोटर 53 हजार लोधी वोटर 52 हजार और रैकवार वोटर की संख्या 25 हजार है। इसके अलावा साहू वोटर 15 हजार, सहरिया वोटर की संख्या 19 हजार है। वही रजक वोटर 13 हजार बंशकार वोटर 18 हजार है, जबकि ब्राह्मण 25 हजार क्षत्रिय 20 हजार मुस्लिम 22 हजार और जैन वोटर की संख्या 18 हजार है। इस विधानसभा क्षेत्र में रोजगार के संसाधन और पलायन की समस्या प्रमुख है, लोगों का कहना है कि कहीं चुनाव में इसे लेकर कई बार वादे किए गए लेकिन आज तक नेताओं नें और उनकी पार्टियों ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। वहीं इस बार के चुनाव में भी सभी उम्मीदवार यहां की जनता से विकास के वादे कर रहे हैं।

यहां के विधायक और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रामरतन कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जनता की काफ़ी सेवा की ऐसे में इस बार जनता उनका ही साथ देंगी। वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अपनी-अपनी जीत के दावे करने में लगी है, ललितपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता किसे अपना वोट और आशीर्वाद देकर विधायक बनाती है, किसके दावे और वादे को लेकर जनता अपना मन बना चुकी है। कौन कौन यहां से चुनकर विधानसभा में ललितपुर का प्रतिनिधित्व रहेगा, यह सब 10 मार्च को नतीजे वाले दिन साफ होगा।