कोरोना में लोगों की मदद करने वाली गौतम गंभीर फाउंडेशन की मुश्किलें बढ़ी।

0
73
गौतम गंभीर फाउंडेशन

गौतम गंभीर फाउंडेशन दोषी करार

गौतम गंभीर फाउंडेशन अवैध रूप से फैबीफ्लू दवाई के भंडारण और खरीद के मामले दोषी पाया गया है। ड्रग कंट्रोलर दिल्ली ने अपनी जांच कर रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौप दी है। ड्रग कंट्रोलर ने गौतम गंभीर फाउंडेशन को अवैध रूप से फैबीफ्लू दवाई के भंडारण ,खरीद और वितरण के मामले में दोषी करार दिया है।

यह भी पढ़े : वैक्सीन नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार।

ड्रग कंट्रोलर ने कहा गौतम गंभीर फाउंडेशन ड्रग डीलरों के साथ – साथ ऐसे अन्य कई मामले है जिसमे बिना देर किये कार्यवाही की जायेगी। हमने इन सभी मामलों को कोर्ट के संज्ञान में लाया है। ड्रग कंट्रोलर ने हाई कोर्ट को बताया की आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक प्रवीण कुमार को भी ड्रग एन्ड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत इसी तरह के अपराधों के लिए दोषी पाया गया है। ड्रग कंट्रोलर को दिल्ली हाई कोर्ट ने छह हफ्ते के अंदर इन मामलों में आगे की स्थिति की पूरी रिपोर्ट देने होंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को सुनवाई होगी।

यह भी पढ़े : यूपी के बीजेपी खेमे में शियासत के बाजार गर्म,हटाए जायेगे योगी ?

आइए जानते है क्या पूरा मामला –

दिल्ली की हाई कोर्ट अलग – अलग मामले की सुनवाई कर कर रहा है। इन सभी मामले में अलग – अलग पार्टी के नेता कोरोना महामारी के दौरान लोगों की मदद कर रहे थे। इन सभी नेताओं ने लोगों को ऑक्सीजन और इलाज के लिए दवाइयों को लोगों में बाट रहे थे। इसपर कुछ ने शिकायत थी की इस तरह की जरूरी चींजों की होर्डिंग कानूनी अपराध है। यह काम गैरकानूनी है। इस मामले को संज्ञान को लेते हुये हाई कोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर को इस मामले की तफ्तीश करने का आदेश दिया था।

यह भी पढ़े : फेसबुक के बाद गूगल ने भी मानी भारत सरकार कि नई गाइडलाइन्स।

इस मामले की जांच करने के दौरान ड्रग कंट्रोलर ने गौतम गंभीर को क्लीन चिट दे दी। जैसे ही बीजेपी नेता और पूर्व क्रिकेटर को ड्रग कंट्रोलर ने क्लीन चिट दी कोर्ट ने फटकार लगाई और जाँच दुबारा करने को कहा। हाई कोर्ट ने बोला अगर आप जांच नहीं कर सकते तो हमें बताइये। हम आपको हटाकर ये जिम्मेदारी किसी और को दे देते है। कोर्ट ने कहा आप इसकी जानकारी दीजिये की आखिर किस कानून के तहत इसकी इजाजत दी गयी है।

यह भी पढ़े :यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी कि मुश्किलें बढ़ी।