ट्वीटर और सरकार के बीच तनातनी बढ़ी, कंपनी के अधिकारी ने दर्ज कराया अपना बयान।

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जम्मू कश्मीर और लद्दाख

बीते कुछ हफ्तों से ट्वीटर और सरकार के बीच कुछ भी ठीक होता नजर नहीं आ रहा है आज शाम 4:00 बजे ट्विटर के अधिकारियों को संसदीय समिति के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया है। संसदीय समिति के सामने ट्वीटर इंडिया के प्रतिनिधि को पेश होना है। सोशल मीडिया मंच के दुरुपयोग, नागरिकों के अधिकार की रक्षा के मुद्दे पर टि्वटर इंडिया के प्रतिनिधि से बयान दर्ज कराए गए हैं। कंपनी अपने बयान में किन बातों को साझा की है उसकी अधिक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।

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ट्वीटर कंपनी से कानूनी संरक्षण हटा

गुरुवार को आईटी नियमों का पालन नहीं करने के लिए केंद्र सरकार ने ट्वीटर कंपनी से कानूनी संरक्षण हटा लिया था। आईटी को लेकर गठित स्थाई समिति ट्विटर पर दुरुपयोग को लेकर सवाल जवाब तलब करेगी। यह समिति सोशल मीडिया के गलत उपयोग से बचने को लेकर भी जानकारी मांग सकती है।नए आईटी कानून को लागू करने में देरी होने के चलते कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई वाली कमेटी ट्वीटर, फेसबुक तथा और कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तलब किया था।

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ट्वीटर पर दर्ज हुआ पहला मामला

ट्वीटर के ऊपर से कानूनी संरक्षण हटने के बाद से ही पहला मामला ट्वीटर पर फेक न्यूज़ फैलाने के आरोप में दर्ज कर लिया गया है।बुजुर्ग तांत्रिक अब्दुल समद की दाढ़ी काटने के आरोप में ट्विटर के माध्यम से एक भड़काऊ वीडियो वायरल होने लगा था। इस बार वीडियो के बिनाह पर पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष महेश्वरी को नोटिस भेजा और उनसे कहा गया कि लोनी बॉर्डर थाने पर अपना बयान 7 दिन के अंदर दर्ज कराएं। यह नोटिस मुंबई कार्यालय के पते पर भेजा गया था। ट्विटर के मुख्यालय को पुलिस ने भड़काऊ वीडियो ट्रेंड होने के कारण एक और नोटिस भेजा। धार्मिक उन्माद फैलाने के केस में नामजद आरोपियों की जानकारी भी पुलिस ने मांगी।

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कब और क्यों शुरू हुआ है विवाद ?

आपको बता दें 2021 में किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने ट्विटर से कई सारे अकाउंट को बंद करने की अपील की थी लेकिन ट्विटर ने आजादी का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया था। इसके बाद से सरकार ने ट्वीटर पर नए नियम लागू करने का आदेश दिया जिसको कंपनी ने मना कर दिया है कंपनी ने इस नियम को लागू करने के लिए 3 महीने का वक्त मांगा था जो खत्म हो चुका है जिसके बावजूद भी उसने इस नियम को अभी तक पालन नहीं किया है। इसी के चलते ट्वीटर और सरकार के बीच में विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।

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