Bharatmala Project : भारतमाला परियोजना क्या है? और यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?

0
9

भारतमाला परियोजना(Bharatmala Project) क्या है ?

  • कहा जाता है कि किसी भी देश का विकास उसके आधारभूत संरचना पर सबसे ज्यादा आश्रित होता है। आधारिक संरचना में निवेश करने से देश को हाईवे रोड पर इमारत आदि  मिलते उसके साथ-साथ आर्थिक विकास बहुत तेजी से होता है। जिस देश में अच्छी रोड होती हैं तो उससे परिवहन संपर्क भी अच्छा हो जाता है जिससे आने जाने में समय कम लगता है। इससे व्यापार को फायदा होता है। इससे देश के कई हिस्सों में समान आराम से और जल्दी सो जाता है। परिवहन को का खर्चा भी कम आता है। देश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए भारत सरकार बहुत ज्यादा मेहनत कर रही है जिसमें सरकार ने योजना बनाई है और भारी-भरकम पैसा भी खर्च किया जा रहा है। इस परियोजना का नाम है भारतमाला परियोजना।

Bharatmala Project

  • अमेरिका के बाद भारत के पास सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। वही हम एक्सप्रेस वे (Express way) की बात करे तो इस स्थान पर चीन सबसे ऊपर है। भारत  शीर्ष 10 तो छोड़िए शीर्ष 20 में भी नहीं है। भारत के सड़क नेटवर्क में नेशनल हाईवे (National Highway) का सिर्फ 2% ही योगदान है। इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project)की शुरुआत करनी है। रोड एंड नेशनल हाईवे (National Highway) डेवलपमेंट ही भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project)पर काम करेगा।

 

  • भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) एक मेगा प्रोजेक्ट है। इसकी  नीव 31 जुलाई 2015 को रखी गई थी। भारत सरकार(Indian Government) ने भारतमाला योजना के तहत देश भर में 83677 किलोमीटर सड़क बनाने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत गुजरात(Gujrat) और राजस्थान (Rajasthan) से शुरू होगी। इसके बाद पंजाब(Punjab), जम्मू कश्मीर(Jammu & Kashmir), हिमाचल प्रदेश(Himachal Pradesh) और  अरुणाचल प्रदेश(Arunachal Pradesh) की बारी आएगी और फिर  उत्तर प्रदेश (uttar Pradesh) , बिहार(Bihar) होते हुए सिक्किम असम मणिपुर मिजोरम में जाकर म्यांमार बॉर्डर पर यह सड़क खत्म हो जाएगी।

 

  • भारतमाला के पहले चरण में 550 जिलों को शामिल कर आ गया है। अभी सिर्फ 350 जिलों से ही नेशनल हाईवे (National Highway) गुजरते हैं। 24 जिलों में रोड लाइन बनाई जाएगी और 35 शहर में लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों के किनारे यात्री की सुविधा के लिए 700 जगह बनाई जाएगी। इस परियोजना में 44 आर्थिक गलियारे बनाए जाएंगे। 6 नए राष्ट्रीय गलियारे बनाए जाएंगे। इस परियोजना में जो भारत ने पहले से बने हाईवे हैं, उन्हें और अच्छा करा जाएगा। जैसे जहां पर दो लाइन का रोड है उसे ट्रैफिक और गाड़ियों के भीड़ के हिसाब से चार लाइन या 6 लाइन का करा जाएगा। इसके अलावा पिछड़े इलाके धार्मिक और पर्यटक स्थल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे (National Highway) भी बनाए जाएंगे। चार धाम केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री की रोड के बीच में चप्पल को भी मजबूत कर आ जाएगा। इन इलाकों में पर्यटकों का आगमन और ज्यादा हो सके। इसको नेशनल हाईवे (National Highway) ऑफ इंडिया, नेशनल हाईवे (National Highway) एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट मिलकर बना रहे हैं।

 

  • भारतमाला को दो चरण में विभाजित कर गया है। पहले चरण की कीमत 5. 35 लख करोड़ बताई गई है। पहले चरण का काम 2017 में शुरू कर गया था और 2022 तक इसको पूरा करना था। भारतमाला के पूरा होने का समय दिसंबर 2022 रखा गया था। पहले चरण के काम के लिए आईपीआरए एजेंसी ने बताया कि कोविड कि वजह से भारतमाला में 4 साल की देरी हुई है। कोविड के चलते 9 महीने कोई भी निर्माण नहीं हो पाया। इसके अलावा भारत सरकार के पास टैक्स भी ज्यादा नहीं आया और निजी क्षेत्र से भी ज्यादा पूंजी भारतमाला पर नहीं आई। इसके चलते भारतमाला को साल भर रोकना पड़ा था और जो 2021 के बजट में हमें  देखने को मिला कि भारत सरकार ने आधार भूत संरचना को बढ़ाने के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करें। भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project)के तहत 3.3 लाख करोड रुपए के 13000 किलोमीटर रोड के निर्माण का अनुबंध दिया जा चुका है, जिसमें से 3800 किलोमीटर रोड बन चुकी है। वित्त मंत्री ने यही बताया कि  मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर की रोड निर्माण का अनुबंध सरकार और दे देगी। मार्च 2022 तक 11000 किलोमीटर का निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा। देखा जाए तो के बाद भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project)पर बहुत तेजी से काम हो रहा है।

यह भी पढ़े : UP election 2022: UP में तीसरे चरण और पंजाब में कैसी रही वोटिंग?

 

भारत ने 18 घंटे में 25.54 किलोमीटर 4 लाइन का हाईवे इतने कम समय में बना कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इसके अलावा भारत में 33 किलोमीटर से भी ज्यादा हाईवे बनाया जा रहा है। यह भी लगता है कि 50 किलोमीटर प्रतिदिन हाईवे बनाया जाए। जिस रफ्तार से काम चल रहा है, यह उम्मीद है कि भारत माला का पहला चरण 2024 तक पूरा हो जाएगा। शायद इतनी बारीक जानकारी का वर्णन हिंदी अखबार में कभी देखने को मिले।

लेखक : आदर्श