डीजल पेट्रोल की रेश में सरसों के तेल ने मारी बाजी।

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जबसे कोरोना की महामारी आयी है तबसे रोजाना इस्तेमाल होनी चीजों के दाम आसमान को छूने लगे है। लॉक डाउन की मार झेली। लम्बे वक़्त तक लोगो ने घर में बिताया। न जाने कितने लोगो ने अपनी नौकरी गवां दी। और ऐसे लोगो ने चीजों के दाम बढ़ने से दोहरी मार पड़ी है। डीजल – पेट्रोल के दाम हर रोज बढ़ रहे है। मगर गरीब लोगो के घरों में इस्तेमाल होने वाली सरसों की तेल के दामों को सुन कर आपके होश उड़ जायेगे। बीते एक साल में सरसो के तेल के दामों में दो गुना बढ़ोत्तरी हुई है।

डीजल पेट्रोल की रेश में सरसों के तेल ने मारी बाजी।

ऐसे में डीजल – पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से हर कोई परेशान है और अब सरसो के तेल के दामों ने माध्यम वर्गी परिवारों के लिए मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। अगर हम देश में खाद्य के रूप में इस्तेमाल होने वाले तेल की बात करे तो सबसे पहले ऊपर नाम सरसों के तेल का ही आता है। इसके बेतहाशा दामों की बढ़ोत्तरी ने सभी के घरों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। सोयाबीन ,मूंगफली , सूरजमुखी , डालडा , रिफाइंड के भी दामों ने आसमान छूने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

डीजल पेट्रोल की रेश में सरसों के तेल ने मारी बाजी।

खाद्य तेलों के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के पीछे का मुख्य कारण है अंतरराष्ट्रीय बजारों में इन तेलों के दामों में तेजी आना है। इस समय की बात करे तो सरसों के तेलों के दाम बजारों में करीब 170 – 180 रूपये लीटर है।

आइये एक नजर आकड़ो पर डालते है

सरसों का तेल   सोयाबीन रिफायंड तेल सूरजमुखी तेल वनस्पति तेल
मई 2020 में दाम 120- 130 रूपये / लीटर 120 रूपये/लीटर 132 रूपये/लीटर 100 रूपये / लीटर
मई 2021 में दाम 170-180  रूपये  / लीटर 160 रूपये/लीटर 200 रूपये/लीटर 140 रूपये / लीटर

 

मैंने ऊपर आकड़ो को दिखा कर आपको समझने की कोशिश की है की बीते एक साल में ही तेलों के दामों में करीब 20 से 30 फीसदी बढ़ी है। अब सरकार इस तेलों के दामों में कैसे कमी लाती है ये आने वाला समय ही बताएगा।