Lal Bahadur Shastri Birthday Special : पंजाब नेशनल बैंक से शास्त्री जी ने क्यों लिया था ₹5000 का ऋण ? शास्त्री व्रत क्या है? मिर्जापुर से शास्त्री जी का क्या है रिश्ता? जाने शास्त्री जी से जुड़े 15 अनसुने किस्से।

आजा देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastr) का भी जयंती है। लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की 118 में जयंती आज मनाई जा रही है। आपको बता दें लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी का जन्म एक ही दिन हुआ था। इन दोनों महापुरुषों ने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित किया था।

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Lal Bahadur Shastri का जीवन परिचय

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में शारदा प्रसाद और राम दुलारी देवी के घर 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) का देश की आजादी में बेहद खास योगदान रहा है। शास्त्री जी साल 1920 में भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे। शास्त्री जी की स्वाधीनता संग्राम के जिन आंदोलनों में उनके मुख्य भूमिका थी उनमें से मुख्य रूप से 1921 का असहयोग आंदोलन था तथा 1930 में गांधी जी द्वारा शुरू किया गया दांडी मार्च और 1942 का आंदोलन भारत छोड़ो आंदोलन अहम योगदान था।

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Lal Bahadur Shastri

Lal Bahadur Shastri से जुड़े 15 रोचक बाते

शास्त्री जी ने देश को एक नारा दिया था जय जवान जय किसान। आज शास्त्री जी के जन्मदिन के अवसर पर हम उन से जुड़े 15 रोचक बातें आपको बताएंगे।

1. शास्त्री जी (Lal Bahadur Shastri) के पिताजी का मौत बचपन में ही हो गया था जिसके कारण वे अपनी माता के साथ नाना के घर यानी मिर्जापुर चले गए थे। कहा जाता है कि लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) का प्राथमिक शिक्षा उनके मामा के घर हुई थी। उन्होंने विकट परिस्थितियों में भी शिक्षा हासिल की कई जगह कहानियों में यह बताया जाता है कि लाल बहादुर शास्त्री नदी में तैर कर रोज स्कूल जाया करते थे क्योंकि उस समय उनके गांव में बेहद कम स्कूल हुआ करते थे।

2. ऐसा माना जाता है कि शास्त्री जी (Lal Bahadur Shastri0 भारत में गहरी जड़ें जमाने वाली जाति व्यवस्था का विरोधी थे। शास्त्री जी 12 वर्ष की आयु में यानी 1917 में अपना उपनाम श्रीवास्तव को त्याग दिया था। Lal Bahadur Shastri जी को स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद शास्त्री की उपाधि दी गई थी जिसका अर्थ होता है विद्वान।

3. 15 अगस्त 1947 को शास्त्री जी को पुलिस और परिवहन मंत्री बनाया गया था।

4. शास्त्री जी के कार्यकाल में ही पहली बार महिला कंडक्टर की नियुक्ति की गई थी।

5. उन्होंने अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों के बजाय पानी के जेट का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था।

6. शास्त्री जी (Lal Bahadur Shastri) के पास आधिकारिक उपयोग के लिए उनके पास शेवरले इम्पाला कार थी। एक बार उनके बेटे ने इस कार का इस्तेमाल किया था और जब शास्त्री जी को यह बात पता चली तो उन्होंने अपने ड्राइवर से कहा कि यह कार निजी इस्तेमाल के लिए कितनी दूरी पर किया गया है और बाद में उतने पैसे उन्होंने सरकारी खाते में जमा करा दिए।

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7. शास्त्री जी (Lal Bahadur Shastri) को 1952 में रेल मंत्री बनाया गया लेकिन 1956 में तमिलनाडु में एक रेल दुर्घटना हुई जिसमें लगभग 150 यात्रियों की मौत हुई और मौत से दुखी होकर शास्त्री जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

8. शास्त्री जी ने दूध के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए महत्व को रेखांकित किया और श्वेत क्रांति को बढ़ावा दिया था।

9. शास्त्री जी ने श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के साथ ही भारत के खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हरित क्रांति को भी बढ़ावा दिया।

10. लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) प्रधानमंत्री बने इसके बाद 1965 में भारत के साथ पाकिस्तान का युद्ध हुआ तो शास्त्री जी ने विकट परिस्थितियों में विदेश को संभाले रखा और सेना के जवानों और किसानों के महत्व बताने के लिए उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया था।

11. शास्त्री जी आजादी के बाद 1951 में नई दिल्ली आए और केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई विभागों का पद संभाला। शास्त्री जी रेल मंत्री, परिवहन एवं संचार मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, गृह मंत्री एवं नेहरू जी की बीमारी के दौरान बिना विभाग के मंत्री भी रहे।

12. जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री थे तो उनके परिवार ने उन्हें कार खरीदने के लिए कहा था। वह फिएट कार थी जो  ₹12000 में खरीदी गई थी। उस वक्त शास्त्री जी के खाते में सिर्फ ₹7000 थे इसलिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से ₹5000 के लिए ऋण का आवेदन किया था। आज भी वह कार दिल्ली के शास्त्री मेमोरियल में रखी गई है।

13. भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान देश में जब अनाज की कमी होने लगी थी। भुखमरी की समस्या से देश को पैदा होने लगा था। भुखमरी की संकट को देखते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी तनख्वाह लेना बंद किया और लोगों से अपील किया कि हफ्ते में 1 दिन का व्रत रखे। शास्त्री जी की अपील की ऐसी प्रतिक्रिया मिली कि सोमवार शाम को भोजनालय तक बंद कर दिए और जल्द ही लोगों ने इसे शास्त्री व्रत का नाम देना शुरू कर दिया।

14. 10 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) ने ताशकंद में पाकिस्तान के साथ शांति समझौता पर करार के 12 घंटे बाद ही अपनी आखिरी सांस ली। शास्त्री जी की मौत आज भी एक रहस्यमई मौत मानी जाती है। उनकी मौत 11 जनवरी को हुई थी।

15. मरणोपरांत शास्त्री जी (Lal Bahadur Shastri) भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित होने वाले पहले व्यक्ति थे।

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