Mann ki baat : हुनरमंद आज के विश्वकर्मा है, “सब खेलें सब खिलें” का पीएम मोदी ने दिया नया नारा, जाने मन की बात से जुडी अहम बातें।

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Mann ki baat

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से वे रेडियो के माध्यम से मन की बात (Mann ki baat) कार्यक्रम के जरिए देश के लोगों को संबोधित करते हैं। प्रधानमंत्री का मन की बात (Mann ki baat) प्रोग्राम रविवार को प्रकाशित होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज रविवार को भी मन की बात (Mann ki baat) प्रोग्राम के जरिए देश के लोगों को संबोधित किया।

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Mann ki baat में मेजर ध्यान चंद को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में हर बार कोई नई चीज शामिल जरूर होते हैं। इस मन की बात कार्यक्रम (Mann ki baat) में प्रधानमंत्री मोदी ने आज खेलो और खासकर हॉकी का जिक्र करते हुए हाकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद जी को याद करते हुए एक नारा दिया। आपको बता दें आज मेजर ध्यानचंद जी की जयंती है। मेजर ध्यानचंद जी को अपने मन की बात (Mann ki baat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने याद करते हुए एक नारा दिया और नया नारा यह है कि “सब खेलें सब खिलें।”

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Mann ki baat में ओलंपिक खेल का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात (Mann ki baat) कार्यक्रम में ओलंपिक गेम का जिक्र करते हुए कहा कि ओलंपिक में इस बार प्रभाव पैदा किया है और इसकी वजह से हर परिवारों में खेल की चर्चा शुरू हो चुकी है। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह लोग आज के विश्वकर्मा है। ध्यानचंद जी को याद करते हुए उन्हें कहा उन्होंने कहा की ध्यानचंद जी की आत्मा जहां भी होगी प्रसन्न हो रही होगी।

ध्यानचंद जी की याद में उन्होंने कहा कि भारत की हां की का डंका बजाने का काम उन्होंने किया था। भारत के बेटे और बेटियों ने चार दशक बाद हाकी में जान फूंक दी है। उन्होंने कहा कि चाहे कितने भी मेडल क्यों न मिल जाएं लेकिन हाथी का मेडल मिलने के बाद ही भारतीय आनंद लेता है। उन्होंने कहा कि इस बार हाकी में भारत को पदक मिला।

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युवाओं की तरफ ध्यान रहा केंद्रित

मन की बात (Mann ki baat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का आज ध्यान युवा मन की ओर केंद्रित रहा। मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि छोटे शहरों में अब स्टार्टअप करने का प्रयास शुरू हो चुका है। देश का युवा रिस्क लेने को तैयार है। मोदी ने कहा कि देश का युवा भारत के खिलौने की पहचान दुनिया में बनाने का ठान लिया है। देश के युवा आज उसी पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। युवा मन अब सर्वश्रेष्ठ की तरफ केंद्रित होने लगा है और वह अपने प्रयासों से सर्वोत्तम करना चाहता है।

पैरालंपिक का किया जिक्र 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात (Mann ki baat) कार्यक्रम में ओलंपिक और पैरालंपिक को भी शामिल किया। मोदी ने कहा कि ओलंपिक ने कई सारे प्रभाव पैदा किए हैं और पैरा ओलंपिक अभी भी चल रहा है। ओलंपिक की वजह से अब हर घर में खेल की चर्चा होने लगी है और इसे रुकने नहीं देना है। मोदी ने कहा कि देश में अब खेल भावना नहीं रुकनी चाहिए। इस खेल भावना को पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्र, जीवन में निरंतर ऊर्जा भरने की जरूरत है और स्थाई करना होगा। मोदी ने कहा कि चाहे खेल मैदान गांव के हो या शहर के वे अब भरे होने चाहिए।

Mann ki baat में अध्यात्म की तरफ भी मोदी का रहा ध्यान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम (Mann ki baat) के दौरान कल जन्माष्टमी के महापर्व को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कल देश में जन्माष्टमी का महापर्व मनाया जाएगा। कृष्ण के जन्म का पर्व नटखट कन्हैया से लेकर विराट रूप तक तथा शस्त्र से शास्त्र सामर्थ्य वाले कृष्ण को हम सभी जानते हैं। उन्होंने बताया कि इसी महीने की 20 तारीख को सोमनाथ मंदिर से जुड़े कामों का लोकार्पण भी हुआ। उन्होंने कहा कि इसके पास एक तीर्थ भी है जहां पर कृष्ण कन्हैया ने अपने जीवन के अंतिम समय को यहीं पर गुजारा था। 

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किताब की घटना का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे घर के बाहर एक किताब किसी ने छोड़ा था जिसमें कृष्ण की अभूतपूर्व तस्वीरें थे। मोदी ने कहा कि मेरा मन उस किताब छोड़ने वाले व्यक्ति से मिलने का हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरी मुलाकात उनसे हुई जो अमेरिका के थे। अमेरिकी जेदुरानी दासी से मुलाकात हुई जो इस्कॉन से जुड़ी थी और मेरा सवाल यह था कि जिनका जन्म अमेरिका में हुआ और वह भारतीय भाव से इतना दूर रहे फिर भी कृष्ण के इतने मनमोहक तस्वीरों का चित्रण कैसे कर लेती हैं।

संस्कृत भाषा पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम (Mann ki baat) में नई पीढ़ी को विरासत सौंपने के बारे में चर्चा किया। मोदी ने संस्कृत पर जोर देते हुए कहा की आयरलैंड के एडवर्ड संस्कृत के अध्यापक हैं और बच्चों को संस्कृत सिखाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉक्टर चिरापद और डॉक्टर सुषमा को भी शामिल करते हुए बताया कि वह थाईलैंड में संस्कृत भाषा का प्रचार कर रहे हैं। रसिया में बोरिस भी संस्कृत पढ़ाते हैं और उन्होंने कई किताबों का अनुवाद भी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिडनी में भी बच्चों को स्कूल में संस्कृत पढ़ाई जाती है और इन प्रयासों से संस्कृत को लेकर जागरूकता पैदा हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा यह कर्तव्य है कि आने वाली नई पीढ़ियों को हम अपना विरासत सौपें।

Mann ki baat में स्वच्छता अभियान का जिक्र 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन (Mann ki baat) की बात में स्वच्छता अभियान को लेकर जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना के इस महामारी के समय स्वच्छता के अभियान को भी कम नहीं होने दिया गया। स्वच्छ भारत अभियान का जब भी जिक्र होता है उसमें इंदौर का नाम सबसे पहले आता है।

उन्होंने कहा कि इंदौर ने अपनी एक विशेष पहचान बनाई है और कई सालों से इंदौर स्वच्छता के मामले में भारत रैंकिंग में पहले पायदान पर रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि इंदौर के लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं और कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों ने नालियों को सिविल लाइन से जोड़ा है और नदियों में गिरने वाले गंदे पानी को भी कम किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जितना ही शहर वाटर प्लस होंगे उतनी स्वच्छ नदियां और पानी होगा तथा पानी बचाने का संस्कार होगा।

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