क्या है Marburg virus ? मरीज की 8 दिन के भीतर हो जाती है मौत। इबोला और कोरोना से भी है खतरनाक।

दुनिया अभी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं इसी बीच कई तरह के नए-नए वायरस मिलते नजर आ रहे हैं। हमने आपको साइटोमेगालोवायरस के बारे में भी बताया था। यह सभी कोरोना महामारी के बीच में अन्य खतरा बन कर सामने आ रही है। इसी बीच दुनिया के लिए चिंता पैदा करने वाली खबर सामने आई है खबर यह है। पश्चिमी अफ्रीकी देश में एक नया वायरस पाया गया है जिसका नाम Marburg virus है। 

Marburg virus

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गिनी में पाया गया Marburg virus का पहला मामला

Marburg virus पश्चिमी अफ्रीकी देश में गिनी के अंदर पहला संक्रमण पाया गया है जिसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कर दी। है। इस वायरस को बोला भारत से भी ज्यादा जानलेवा और खतरनाक माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक किया वायरस चरणों में पाया जाता है और कोरोना को लेकर भी ऐसे ही दावा किया जाता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन यह मान रहा है कि गुना से भी ज्यादा खतरनाक Marburg virus है।

आइए जानते हैं Marburg virus क्या है?

Marburg virus इतना ज्यादा खतरनाक क्यों है इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस वायरस की मृत्यु दर 88 फ़ीसदी तक है यानी 100 मरीजों में से 88 लोगों की मृत्यु होती है। अफ्रीका के डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ मात्शिदिसो मोएती बताया वायरस में दूर-दूर तक फैलने की क्षमता ज्यादा है। इस लिए इसको जल्द से जल्द रोकने की जरूरत है।

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कुछ दिन पहले ही गिनी  इबोला के दूसरी लहार से हुआ था मुक्त

आपको बता दें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले महीने ही ने इबोला  वायरस की दूसरी लहर के खत्म होने की घोषणा की थी। गिनी में एक और नया जानलेवा Marburg virus ने दस्तक दे दिया है। जिस व्यक्ति को इस Marburg virus का संक्रमण हुआ था उसके बारे में पता लगाया जा रहा है की संक्रमण व्यक्ति में कैसे कब और कहां हुआ है।

इंसानों में कैसे फैला Marburg virus?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार Marburg virus का संक्रमण चमगादड़ के संपर्क में आने से फैल सकता है। लेकिन आपको बता दें कोरोना वायरस को भी लेकर स्वास्थ्य संगठन ने भी ऐसी ही जानकारी दी थी। यह वायरस जब किसी इंसान को संक्रमित कर देता है तो वह व्यक्ति अन्य व्यक्तियों में भी संक्रमण फैलाने लगता है। संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क में आने से Marburg virus फैलता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक संक्रमित लोगों के रक्त अंगों या अन्य शारीरिक तरल पदार्थ और शब्दों के माध्यम से भी या वायरस फैल सकता है।

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Marburg virus के लक्षण कितने दिनों में आते हैं?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक किसी व्यक्ति में Marburg virus के संक्रमण होने के बाद 2 से 21 दिनों के बीच में लक्षण सामने आने लगते हैं। कोरोना वायरस में भी कुछ इस तरह से 7 से 14 दिनों के बीच में लक्षण सामने आते हैं। Marburg virus इंसानों में गंभीर रक्तस्राव बुखार का कारण बन जाता है। किसी व्यक्ति में अगर इसका संक्रमण होता है तो उसको तेज बुखार तेज, सिर दर्द और गंभीर अस्वस्थता अचानक से शुरू हो जाती है।

Marburg virus के क्या क्या है लक्षण?

Marburg virus में कई सारे लक्षण हैं जैसे –

1. मांसपेशियों में दर्द

2. पेट में दर्द

3. पेट में ऐठन

4. गंभीर पानी जैसा मतली और उल्टी होना।

5. आंखों का कमजोर होना 

6. सुस्ती होना 

खतरनाक क्यों हैं Marburg virus ?

WHO द्वारा दिए ब्यान के मुताबिक अगर किसी में इस वायरस का संकम्रण हो जाता है तो मरीजों में 7 दिन के भीतर गंभीर समस्या शुरू हो जाती है। गंभीर मामलों में आमतौर पर शरीर में कई जगहों से रक्तस्राव शुरू हो जाता है। जिस व्यक्ति को इस Marburg virus का संक्रमण होता है उसको उल्टी और मल के माध्यम से शरीर से खून बाहर निकलने लगता है। कई मामलों में नाक और मसूड़ों से खून बहने की समस्या होने की पुष्टि होती है।  मरीज की मौत घातक मामलों में संक्रमण के 8 से 9 दिन के भीतर ही हो जाती है।

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Marburg virus की पहचान कौन से टेस्ट से की जाती है?

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक Marburg virus को अन्य संक्रमित रोग जैसे मलेरिया, टाइफाइड बुखार, मेनिनजाइटिस, शिगेलोसिस और अन्य वायरल रक्तस्राव बुखार चिकित्सीय रूप से अलग करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस वायरस की पहचान लक्षणों के अलावा एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट, सिरम न्यूट्रलाइजेशन टेस्ट और rt-pcr के द्वारा की जा सकती है।

इस वायरस का इलाज क्या है?

Marburg virus का अब तक कोई उपचार उपलब्ध नहीं है। इसके इलाज को खोजने के लिए वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। वैज्ञानिक प्रतिरक्षा उपचार और दवा उपचारों के साथ साथ संभावित उपचारों की चेन का मूल्यांकन कर रहे हैं। बच्चों ने बताया कि शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ मरीजों की उचित देखभाल और लक्षणों का बेहतर उपचार Marburg virus के संक्रमण से उबरने में काफी मदद कर सकता है।

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