Nipah Virus Test Kit को मिली मंजूरी, इस टेस्ट किट से की जा सकती 30 बिमारियों के टेस्ट, जाने कौन सी तकनिकी पर करती है काम ये टेस्ट किट।

9
195
Nipah Virus Test Kit

Nipah Virus Test Kit : देश में कोरोना के मामले हर दिन 40,000 के आसपास मिल रहे हैं। कोरोना के बीच में निपाह वायरस (Nipah Virus) केरल फैल रहा है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां डेंगू से 100 से ज्यादा बच्चों की मौत तक हो चुकी है। अब तक उत्तर प्रदेश में डेंगू से सबसे ज्यादा मौत फिरोजाबाद जिले से रिपोर्ट किया जा रहा है। भारत में कोरोना वायरस कि तरह से निपाह वायरस (Nipah Virus) खतरनाक साबित हो रहा है।

यह भी पढ़े: NEET UG 2021 ADMIT CARD में हुआ बड़ा बदलाव, 12 सितंबर को होना है एग्जाम, बदलाव को लेकर छात्र है परेशान।

देश की पहली Nipah Virus Test Kit को मिली मंजूरी

अब निपाह वायरस (Nipah Virus) के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने इस वायरस की जांच (Nipah Virus Test Kit) के लिए गोवा की मोल्बियो डायग्नोस्टिक द्वारा बनाई गई है। इस किट को आपात इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गयी है। आपको बता दें कोरोना वायरस के बाद निपाह वायरस तेजी से केरल में फ़ैल रहा है। Nipah Virus की जांच करने वाली इस किट (Nipah Virus Test Kit) का नाम ट्रूनेट रखीं गई है, जो rt-pcr प्लेटफार्म पर आधारित है।

यह भी पढ़े: Mukhtar Ansari का बसपा ने काटा टिकट, इस बड़ी पार्टी ने दिया मुख़्तार अंसारी को खुला ऑफर, जहां से चाहे उस सीट से लड़े चुनाव।

बैटरी से चलती हैं यह Nipah Virus Test Kit

आपको बता दें वायरस की जांच के लिए भारत की यह पहली टेस्ट किट (Nipah Virus Test Kit) है जो पूरी तरह से बैटरी से चलने वाली और RT-PCR तकनीकी पर काम करती है। इसके जरिए करीब 30 बीमारियों की जांच की जा सकती है। ट्रूनेट जांच के नतीजे लगभग एक घंटे के अंदर नतीजे सामने आ जाते हैं। आपको बता दें इस किट के माध्यम से डेंगू, चिकनगुनिया, टीबी, कोरोना, हेपेटाइटिस, एचपीवी जैसी बीमारियों की जांच हो सकती है।

Nipah Virus Test Kit

ब्रीफकेश में रख कर कही भी ले जाया जा सकता है इस Nipah Virus Test Kit

मीडिया से बात करते हुए मोल्बियो के सीटीओ चंद्रशेखर नायर ने बताया इस टेस्ट किट (Nipah Virus Test Kit) को ब्रीफकेश में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है। चंद्रशेखर नायर के मुताबिक यह टेस्ट किट (Nipah Virus Test Kit) को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ले जाया गया है और हर जगह इसको पेटेंट रखा गया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इस टेस्ट किट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बेहद कम समय में प्रशिक्षण के बाद भी इसे प्रयोग में लिया जा सके।

यह भी पढ़े: T20 World Cup 2021: इंग्लैंड की टी-20 विश्वकप टीम में जोफ्रा आर्चर, बेन स्टोक्स को नहीं मिली टीम में जगह!

Nipah Virus सबसे पहले कहा पाया गया था

आपको बता दें केरल के कोझिकोड में सबसे पहले निपाह वायरस का मामला सामने आया था। लेकिन इसके अलावा भारत में निपाह वायरस के तीन और मामले भी सामने आ चुके हैं। सबसे पहले यह वायरस 2001 में सिलीगुड़ी में पाया गया था जिसके बाद 2007 में पश्चिम बंगाल और केरल के कोझिकोड और मल्लपुरम में 2018 में इसका संक्रमण फैला था।

कोरोना के मामले अभी भी तेजी से बढ़ रहे है

कोरोना की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा मामले कोरोना के केरल से मिल रहे हैं। देश में कोरोना के कुल मामलों में से 60 से ज्यादा प्रतिशत मामले सिर्फ अकेले केरल से आ रहे हैं। केरल में औसतन हर दिन 30,000 से ज्यादा नए कोरोना के मामले मिल रहे हैं। ऐसे में केरल में एक और वायरस अगर तेजी से फैला तो स्थिति बड़ी भयानक हो सकती है। निपाह वायरस को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क है। हमने निपाह वायरस के लक्षण और उससे संबंधित सभी जानकारियां पहले भी आपको बताई थी आप इस नीचे दिए लिंक से पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं।

यह भी पढ़े: कोरोना वायरस के बीच आया खरतनाक Nipah Virus का खतरा, जाने इसके लक्षण और बचने के उपाय।

9 COMMENTS