UP Election 2022 : योगी सरकार का एक और चुनावी स्टंट, प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को नहीं मिलेंगे यूनिफार्म, बैग, इस योजना में हो सकता है बड़ा बदलाव ।

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Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) होना है। विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) से पहले योगी सरकार ने लाखों छात्रों को रोजगार प्रदान करने के लिए भी बड़ा ऐलान करने की तैयारी में है। हमने उसकी भी खबर आपको बताई थी। योगी सरकार के द्वारा किन-किन भर्तियों को पूरा कराया जाएगा उसकी पूरी जानकारी हमने आपको पिछले खबर दी है। 

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UP Election 2022 के लिए योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला 

ऐसे में चुनावी साल (UP Election 2022) में योगी आदित्यनाथ की सरकार बहुत जल्द एक बड़ा ऐलान करने वाली है। ऐलान बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है। यह ऐलान मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विभाग से किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक मिली खबर के अनुसार इस साल सरकार प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को जूते, मोज़े, स्कूल बैग, किताब, यूनिफॉर्म और स्वेटर नहीं बांटने वाली।

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लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि योजनाओं का लाभ बच्चों को नहीं मिलेगा। सरकार इस योजना का लाभ बच्चों को अब दूसरे तरीके से देने की तैयारी में है। सरकार ने इस योजना में अब बच्चों को समान देने के बजाय अब सीधे पैसा अभिभावक के खाते में भेजने की तैयारी कर रहा है।

UP Election 2022

आपको बता दें प्रदेश के परिषदीय प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में करीब 1 करोड़ 80 लाख बच्चे पढ़ते हैं। हर साल इन बच्चों को 2 जोड़ी यूनिफॉर्म, एक स्कूल बैग, 2 जोड़ी जूते और दो जोड़ी मोज़े छात्रों को प्रदान किए जाते हैं। आपको बता दें छात्रों को मिलने वाले इन समानों में जूते, मोज़े और स्वेटर बांटने के काम को योगी सरकार ने शुरुआत की थी।

UP Election 2022

अब सवाल यह है कि इन बच्चों को किस हिसाब से पैसे मिलेंगे?

तो उसके लिए दो यूनिफार्म के ₹600, स्वेटर के लिए ₹200, बैग व जूते मोज़े के लिए प्रति छात्र ₹100 और ₹300 का बजट होता है। इस बजट के हिसाब से देखें तो प्रति बच्चे के ऊपर करीबी 1100 रुपए का बजट बनता है। यह बजट अब सरकार छात्रों के परिजनों के खाते में भेजने की तैयारी कर रही है। पहले इस योजना के मुताबिक छात्रों को सीधे समान दिया जाता था।

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सरकार अभी इस बात पर मंथन कर रही है कि हर बच्चे को ₹1100 दिए जाए या इसमें और कोई बदलाव किया जाए। एक उदाहरण के तौर पर देखा जाए अगर किसी अभिभावक के दो बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं तो प्रति छात्र के मुताबिक 1100 रुपए मिलता है, ऐसे में दो बच्चे पढ़ रहे हैं तो उनके अभिभावक के खातों में ₹2200 सरकार की तरफ से भेज दिया जाएगा।

अब तक स्कूलों को नहीं मिला है आदेश

बेसिक शिक्षा विभाग हर साल सत्र आरंभ होने से पहले ही जूते, मोजे और स्कूल बैग के टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर लेता है और सत्र शुरू होते ही यह बच्चों को मुहैया भी करा दी जाती है। इस बार सत्र को शुरू हुए करीब 1 महीना हो चुका है लेकिन अब तक टेंडर नहीं किया गया। अगर अब तत्काल में टेंडर होता भी है तो इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में करीब 4 महीने का वक्त लग जाएगा।

औपचारिक ऐलान होने का है इन्तजार

इससे पहले विद्यालय स्तर पर यूनिफॉर्म की खरीदारी होती थी और सत्र शुरू होने से पहले बजट इनको भेज दिया जाता था। अब तक सरकार की तरफ से विद्यालयों की प्रबंध समिति के खाते में रकम नहीं भेजी गई है और ना ही यूनिफार्म को बांटने का कोई आदेश दिया गया है। इन सभी बातों से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि सरकार इन योजनाओं का पैसा अब सीधे खातों में भेजने का मन बना रही है बस इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी रह गया है।

UP Election 2022

इस योजना का UP Election 2022 से क्या है Connection ?

आपको बता दें इस साल योजना में करीब 1800 से ₹1900 करोड़ रूपये का खर्च होगा। इस योजना में तमाम विवाद भी सामने आते रहते हैं। छात्रों को दिए जाने वस्तुओं के गुणवत्ता को लेकर सवाल उठता है। गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने में स्कूल बैग, जूते, जो छात्रों को दिए जाते है वो कुछ ही महीने चलते। एक बार का तो यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था।

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इस योजना में बदलाव कर धांधली रोकने की भी हो सकती है कोशिश

इस योजना में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा हुआ है। इसलिए अब सरकार अगर इन योजनाओं का पैसा सीधे अभिभावक के खाते में भेजती है तो अभिभावक अपने पसंद के अनुसार बच्चों के लिए खुद यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं और भ्रष्टाचार की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं रह जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को दूसरे तरीके से देखे  तो एक तरह से योगी सरकार का चुनावी स्टंट (UP Election 2022) भी हो सकता है, क्योंकि अभिभावकों को जो पैसे मिलेंगे तो यह जरूरी नहीं है कि वे उस पैसे का इस्तेमाल छात्रों के वस्तु को खरीदने के लिए करें। हो सकता है इन पैसों का इस्तेमाल अभिभावक अपने खर्चों के लिए भी करे।

UP Election 2022 को देख कर सरकार ने लिए है फैसला?

योजना को देखें तो एक तरह से योगी सरकार चुनावी स्टंट (UP Election 2022) के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। क्योकि ये काम सरकार अब चुनाव (UP Election 2022) नजदीक आने पर क्यों कर रही है? ये काम सरकार जब सत्ता में आयी थी तब कर सकती थी। धांधली तो तब ही हो रही थी। लेकिन  सरकार की नीद अब खुली है या चुनाव (UP Election 2022) ने नीद खोल दिया है ये देखने वाली बात है।

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