कोरोना वैक्सीन की वजह से भारत में हुई पहली मौत की पुष्टि, वैक्सीन लेने के बाद 68 साल के बुजुर्ग की हुई मौत।

भारत में कोरोना का वैक्सीनेशन युद्ध स्तर पर चल रहा है। भारत में लगभग 23 करोड़ से ज्यादा लोग अब तक वैक्सीन लगवा चुके हैं। कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं भी हैं। लेकिन कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद मौत हो जाएगी, यह खबर लोगों में भ्रामकता फैलाने की कोशिश लोगों द्वारा की जा रही है।

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कोरोना वैक्सीन की वजह से हुई पहली मौत का खुलासा

लेकिन आज भारत में एक पहली मौत की पुष्टि हुई है जो कोरोना वैक्सीन की वजह से हुई। केंद्र सरकार की ओर से गठित पैनल की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि 68 साल की एक बुजुर्ग की मौत कोरोना की वैक्सीन लेने की वजह से हो गई है। केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की है । इस कमेटी ने वैक्सीन लेने के बाद हुई 31 मौतों का असेसमेंट किया और उसके बाद 68 साल की बुजुर्ग की मौत एनाफिलैक्सीस की वजह से हुई इसको कंफर्म किया।

AEFI ने अपनी रिपोर्ट में किया खुलासा

एनाफिलैक्सीस एक प्रकार का एलर्जी रिएक्शन है जो उस बुजुर्ग को वैक्सीन लगने के बाद हुए थे। उस बुजुर्ग की मौत 8 मार्च 2021 को वैक्सीन की पहली डोज लगने के कुछ दिनों के बाद ही हो गई थी। AEFI कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा ने एक इंटरव्यू में इस पहली मौत की पुष्टि की और इस मामले पर आगे कुछ भी बयान देने से बचें।

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खबर के अनुसार तीन और ऐसी मौतें हुई हैं जो वैक्सीन की वजह से मानी जा रही है लेकिन अब तक इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं हो पाया है। इस कमेटी ने कुल 31 मौतों की जांच की और इनमें से 18 का कोई भी संबंध वैक्सीनेशन से नहीं लगा। इन 31 मौतों में से 2 मौतों पर शक हुआ और इसके जांच के बाद कोई ठोस सबूत नहीं मिले और न ही वैक्सीन से इनकी मौत होने की कोई पुष्टि हो पाई।

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उस रिपोर्ट में कहा गया कि जिन दो व्यक्तियों को एनाफायलैक्सिस के मामले सामने आए थे उन दोनों ने 16 और 19 जनवरी को वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी और दोनों युवा थे। इन दोनों ने अलग-अलग वैक्सीन लगवाई थी। एक ने कोविशील्ड तो दूसरे को कोवैक्सीन लगी थी। इन दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह ठीक भी हो गए थे।

30 – 50 हजार लोगों में किसी एक को होता है ऐसा रिएक्शन

कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर अरोड़ा ने यह भी बताया कि इस प्रकार का एलर्जी का रिएक्शन हजारों में से किसी एक को होता है। उन्होंने बताया 30 से 50 हजार लोगों में से किसी एक को एनाफिलैक्सीस या गंभीर एलर्जी रिएक्शन दिखते हैं।

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