Lakhimpur Kheri Voilence Upadte : लखीमपुर खीरी से जुडी हर बड़ी अपडेट, जाने किस किस नेता को कहा पर किया था गिरफ्तार, पुरे मामले में अब तक क्या हुई कार्यवाही?

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Lakhimpur Kheri

बीते 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में हुए किसानों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। लेकिन किसानों की मौत पर लेकर राजनीति अभी भी जारी है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और विधायकों को लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जाने के लिए सहमति बन गई है।

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Lakhimpur Kheri जाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को मिली इजाजत

आपको बता दें लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जाने के लिए 5 कारों से करीब 20 लोग रवाना हो गए हैं। यह सभी लोग सरसावा से बाईपास की तरफ निकले। इससे पहले पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री, अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सहारनपुर के सरसावा थाने पर लंबी बातचीत की जिसके बाद आखिरकार उन्हें लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी गई।

Lakhimpur Kheri

नवजोत सिंह सिद्धू और पुलिस अधिकारीयों के बीच हुई लम्बी वार्ता

कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब सरकार के कुछ मंत्रियों ने लंबी वार्ता पुलिस अधिकारियों के साथ की। पुलिस अधिकारी लगातार नवजोत सिंह सिद्धू और उनके साथियों से वापस जाने की बातचीत कर रहे थे लेकिन सिद्धू इस बात को मानने से बिल्कुल इंकार कर दिए। इस पूरे मामले को देखते हुए रात के समय सरकारी चीनी मिल के अतिथि गृह में डेढ़ सौ लोगों के रुकने और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।

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4 कारों की मदद से सिर्फ 20 लोगों को Lakhimpur Kheri जाने की मिली है इजाजत

डीआईजी सहारनपुर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के मुताबिक 4 कारों से 5-5 लोगों को सहारनपुर से आगे जाने की अनुमति मिली है। इसमें पंजाब सरकार के मंत्री विधायक और अन्य नेता इजाजत दी गई है। डीआईजी सहारनपुर ने बताया कि बाकी 250 से करीब 300 वाहनों से लोग आए थे जिन्हें वापस भेज दिया गया है क्योंकि लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले में धारा 144 लागू की गई है।

नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेताओं को पुलिस ने किया था गिरफ्तार

कांग्रेसी नेताओं को लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जाने के लिए सहारनपुर व शामली के रास्ते में पुलिस ने बॉर्डर पर रोका जिसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ। खबरों के मुताबिक सहारनपुर में नेताओं के साथ मिलकर समर्थकों ने शाहजहांपुर चौकी पर बैरियर तोड़ डालें इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू तथा 3 कैबिनेट मंत्री और 5 विधायकों सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया।

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भूपेंद्र हुड्डा को भी पुलिस ने बॉर्डर पर रोका था

आपको बता दें नवजोत सिंह सिद्धू का काफिला हरियाणा बॉर्डर गुरुवार को पहुंचा था। बॉर्डर पर मौजूद पुलिस ने उनके काफिले को रोका लेकिन कांग्रेस के नेता लखीमपुर खीरी जाने की जिद पर अड़े रहे। वहीं दूसरी तरफ बात करें तो कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा तथा प्रदेश अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने शामली के रास्ते से ही लखीमपुर खीरी जाने के लिए गुरुवार को यूपी में प्रवेश करने की कोशिश की। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया जिसके बाद में सभी नेता धरना पर बैठ गए।

यूपी वेस्ट के किसानों में है आक्रोश

आपको बता दें जब से लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में आंदोलित किसानों की मौत की घटना सामने आई तब से वेस्ट यूपी में किसान आक्रोशित हो गए हैं। वेस्ट यूपी के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी भी हुई जिसके बाद विपक्षी दल के नेताओं में भी यह आक्रोश बढ़ गया। इन सभी माहौल को देखते हुए विभिन्न जिलों से गुजरने वाले हाईवे व ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पाबंदी और बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह के कानून व्यवस्था न बिगड़े।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले है हाई अलर्ट पर

उत्तर प्रदेश एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अलर्ट जारी करने का भी आदेश दे दिया है। लखनऊ से ही अधिकारी पूरी व्यवस्था पर मानिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस विभाग का पूरा फोकस इस बात पर लगा हुआ है कि पश्चिमी क्षेत्र से किसान नेता व विपक्षी दलों के कार्यकर्ता किसी भी हाल में लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) न जा पाए।

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